बिहार पुलिस सप्ताह के तहत पुलिस-पब्लिक जन संवाद में खुलकर बोले शहरवासी कहा पुलिस का व्यवहार नहीं है सम्मानजनक

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 Chhapra Desk – बिहार पुलिस सप्ताह के तहत दूसरे दिन सारण एसपी संतोष कुमार के द्वारा सारण समाहरणालय सभागार में पुलिस पब्लिक जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के दौरान शहर के व्यवसायी, सामाजिक संगठन, क्लब सदस्य एवं सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए. जनसंवाद कार्यक्रम का शुभारंभ एसपी ने कहा कि पुलिस जनता की सेवक है. वह भी अपने आपको एक पब्लिक सर्वेंट ही समझते है. हमारा प्रयास इमानदार है। भले ही किसी कांड में हमे सफलता मिले या नहीं मिले. उन्होंने कहा कि पुलिस के पास कोई जादू की छड़ी नही होती है. जिससे कि किसी मामले का शीध्र निपटारा किया जा सके. जांच में समय लगता है. कई बार पुलिस का सार्थक प्रयास भी विफल हो जाता है. अपराधी पकड़ में नही आता है. लेकिन पुलिस सदैव प्रयासरत रहती है. वहीं मुजरिम के छूटने और निर्दोष के जेल जाने के सवाल पर उनके द्वारा कहा गया कि कई बार दोनो पक्षों के लोगों को जेल भेजा जाता है. ऐसे में तुरंत यह निर्णय कर पाना मुश्किल होता है. ऐसे में पुलिस सूझबूझ से काम लेती है. यह भी जरूरी है कि पब्लिक भी पुलिस का सहयोग करे. पब्लिक पुलिस से डरे नहीं कुछ पुलिस कर्मियों के कारण परेशानी होती है. जिसके लिए सभी को निर्देशित किया गया है. जिससे कि पुलिस की पारदर्शिता बनी रहे, लेकिन पुलिस हर मामले में पारदर्शी नही हो सकती है.

इस दौरान थाना में पुलिस के द्वारा किये जानेवाले व्यवहार से लेकर अधिकांश लोगों ने नाराजगी जतायी. जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान यह बात सामने आयी कि एक सज्जन व्यक्ति आमूमन थाना जाने से कतराता है कि वहां बैठा पुलिस कर्मी उससे किस तरह से पेश आयेगा. अगर बहुत हिम्मत करके वह थाना में चला भी जाता है तो उसकी प्राथमिकी दर्ज नही हो पाती है. ऐसे में वह डर के साये में जीता है. एक तरफ असामाजिक तत्वों का खौफ सताता है तो दूसरी तरफ पुलिस का डर. इसलिए यह मांग उठी कि पुलिस पब्लिक की एक टीम साइबर सेनानी की तरह तैयार की जाए. जिसके माध्यम से अनेक मामलाें का निष्पादन किया जा सके. इस दौरान हे छपरा टीम की कार्यकर्ता पलक सिंह ने पब्लिक पुलिस जनसंवाद कार्यक्रम के तहत दहेज की मांग और भ्रूण हत्या पर सवाल खड़े किये. जिसपर प्रतिबंध लगाने की पहल की जा सके.

जिसके कारण एक बेटी का बाप बेटी के जन्म पर मायूश होने की बजाए खुश हो और भ्रूण हत्या पर अंकुश लग सके. इस दौरान जहां घर से चोरी एवं बाइक चोरी की घटनाओं का उद्भेदन नहीं होने पर लोगों ने पुलिस की जांच पर सवाल खड़े किये. वही लियो फेमिना क्लब की अध्यक्ष भारती यादव जोकि एक एसआई की पुत्री है, ने पुलिस के द्वारा टेंपो चालकों को भाड़ा नही दिये जाने पर सवाल खड़े कर दिये. जिसपर एसपी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया. वहीं एक व्यक्ति द्वारा सिपाहियों द्वारा सड़क पर वसूली की बात कही गयी तो उनके द्वारा साक्ष्य के तौर पर उसका वीडियो बनाकर देने की बात कही. इस दौरान निर्दोष के जेल जाने एवं मुजरिम के छूटने पर भी लोगों ने सवाल खड़े किये. इस मौके पर हेडक्वार्टर डीएसपी रहमत अली, सदर एसडीपीओ मुनेश्वर प्रसाद सिंह के अलावें शहर के क्लब सदस्य और अनेक गण्मान्य लोग मौजूद थे.

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