Home E-paper सांसद निधि एंबुलेंस से 280 लीटर देसी शराब के साथ एंबुलेंस चालक गिरफ्तार ; पूर्व में बालू ढोने को लेकर चर्चा में रहा है सांसद निधि का एंबुलेंस

सांसद निधि एंबुलेंस से 280 लीटर देसी शराब के साथ एंबुलेंस चालक गिरफ्तार ; पूर्व में बालू ढोने को लेकर चर्चा में रहा है सांसद निधि का एंबुलेंस

by Sunil Kumar
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Chhapra Desk- सांसद निधि का एंबुलेंस एक बार फिर चर्चा में आया है. इससे पूर्व कोविड काल में जहां एंबुलेंस को लेकर चारों तरफ सरकार की किरकिरी हो रही थी. उस समय छपरा सांसद निधि के एंबुलेंस से बालू होने का एक वीडियो वायरल हुआ था. जिसके बाद ताजा मामला अब सांसद निधि एंबुलेंस से शराब धोने का प्रकाश में आया है. इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए भगवान बाजार थाना अध्यक्ष के द्वारा उक्त एंबुलेंस को जब्त कर चालक को गिरफ्तार करने के बाद उसे पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया है.

हालांकि इस दौरान एंबुलेंस में सवार दो धंधेबाज भाग निकलने में सफल रहे हैं. गिरफ्तार एंबुलेंस चालक डोरीगंज थाना क्षेत्र के चकिया गांव निवासी राकेश राय बताया गया है. एंबुलेंस से फरार एक धंधेबाज की पहचान छपरा नगर थाना क्षेत्र के तेलपा मोहल्ला निवासी मुंशी राय के रूप में की गई है. जबकि फरार दूसरे कारोबारी की पहचान नहीं हो सकी है. घटना के संबंध में बताया जाता है कि रात्रि गस्ती के दौरान भगवान बाजार थाना के सअनि उपेंद्र राय बीएमपी जवान शंकर सिंह एवं अन्य के साथ गस्ती पर थे. तभी उन्हें सूचना मिली कि ब्रह्मपुर के समीप से शराब लदी एक एंबुलेंस आ रही है. इस सूचना के बाद उनके द्वारा इस बात की सूचना भगवान बाजार थानाध्यक्ष मुकेश झा को दी गई और त्वरित कार्रवाई करते हुए श्यामचक के समीप एंबुलेंस को रोककर तलाशी ली गई इस दौरान अंधेरे का लाभ उठाकर दो कारोबारी भाग निकले. जबकि, पुलिस ने चालक को गिरफ्तार कर लिया. इस दौरान एंबुलेंस से जूट के बैग में भरे शराब के पैकेट को बरामद किया गया. जिसकी कुल मात्रा 280 लीटर बताई जा रही है. इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर एंबुलेंस चालक राकेश राय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. वहीं उत्पाद अधिनियम के तहत एंबुलेंस पर प्राथमिकी दर्ज की गई है.

पंचायत चुनाव को लेकर एंबुलेंस से ढोया जा रहा था शराब

पंचायत चुनाव को लेकर जहां सभी पंचायतों में गहमागहमी बढ़ी हुई है. वही वोटरों को लुभाने के लिए प्रत्याशी कोई कसर छोड़ने को तैयार नहीं है. अमूमन चुनाव के दौरान वोटरों को शराब पिलाने और उन्हें पार्टी देकर लुभाया जाता है. साथ ही वोटरों की खरीद बिक्री भी होती है. फिलहाल एंबुलेंस से बरामद शराब की खेप को भी चुनाव का ही एक हिस्सा माना जा रहा है. हालांकि समाचार प्रेषण तक इस मामले में जांच की जा रही है.

Sunil Kumar
Author: Sunil Kumar

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