Home E-paper सैनिक का शव गांव पहुंचते ही गांव में मचा कोहराम

सैनिक का शव गांव पहुंचते ही गांव में मचा कोहराम

by Sunil Kumar
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Chhapra Desk- सारण जिले के मशरक रेलवे स्टेशन से सटे पूरब तथा तरैया थाना क्षेत्र के गलिमापुर गांव में छत्तीसगढ़ से जैसे ही सैनिक मंतोष कुमार सिंह का पार्थिव शरीर पहुंचा, गांव में कोहराम मच गया. सुबह से ही हजारों की संख्या में लोग अपने लाड़ले सैनिक पुत्र के अंतिम दर्शन को गांव में जमे थे. मंतोष सीआरपीएफ के जवान थे, जो छत्तीसगढ़ के सुकमा में पदस्थापित थे। जहां कल शुक्रवार को 11 बजे दिन में ड्यूटी के दौरान वाहन दुर्घटना में उनकी मौत हो गई थी. उनका पार्थिव शरीर प्लेन से पटना एयरपोर्ट पहुंचा. जहां गांव के लाड़ले के पार्थिव शरीर को लाने 200 से अधिक दुपहिया व चार पहिया वाहनों से लोग पहुंचे थे. साथ में सेना के अधिकारी जवान भी आए थे, जो अपने दिवंगत साथी के अंतिम यात्रा में शामिल हुए तथा सलामी दी. जवान के पिता मुसाफिर सिंह भी सीआरपीएफ के रिटायर्ड जवान हैं. मृतक दो भाइयों में छोटा था. बड़े भाई तथा माता की मृत्यु पहले ही हो चुकी है.

पत्नी चित्रलेखा सिंह तथा 15 वर्षीय पुत्र रूद्र प्रताप उर्फ शुभम तथा 13 वर्षीया पुत्री छवि कुमारी शव से लिपट कर रोने लगे थे. वहीं पिता का रो रो के हाल बेहाल था. जिसे देख सबकी आंखें नम हो गई थी. सीआरपीएफ 47 बटालियन कोईलवर के इंस्पेक्टर नसीम अहमद खान स्थानीय तौर पर पटना एयरपोर्ट से सैनिक के पार्थिव शरीर को रिसीव कर अपनी टीम के सदस्यों के साथ गांव आए थे. वहीं छत्तीसगढ़ में सैनिक के साथ कार्यरत मशरक थाना क्षेत्र के खजूरी गांव के बिट्टू तिवारी भी शव के साथ आए थे. जहां अपने साथी को अंतिम सलामी दी गई.

मौके पर महाराजगंज के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, स्थानीय विधायक जनक सिंह, जिला पार्षद प्रियंका सिंह, युवराज सुधीर सिंह, स्थानीय मुखिया गजेंद्र सिंह, सुनील चौरसिया, धीरज सिंह, डॉ पी के परमार,राजीव रंजन सिंह उर्फ गुन्नू सिंह, विनय सिंह, दुर्गेश गुप्ता, डब्लू ओझा ,अमित सिंह, तूफानी सिंह समेत हजारों की संख्या में लोग मौजूद थे.

Sunil Kumar
Author: Sunil Kumar

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