CHHAPRA DESK - जनगणना के तहत जिला जनगणना हस्तपुस्तिका (डीसीएचबी) निर्माण के लिए आयोजित क्षेत्र पदाधिकारियों के प्रशिक्षण को आधुनिक तकनीक और प्रश्नोत्तरी आधारित पद्धति से बेहद रोचक एवं जिज्ञासापूर्ण बनाया जा रहा है. प्रधान जनगणना अधिकारी सह जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव के निदेश पर डीआईओ तारणी कुमार के नेतृत्व में आयोजित इस विशेष सत्र में प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए 'कौन बनेगा करोड़पति' की तर्ज पर फास्टेस्ट फिंगर शैली की क्विज आधारित जांच परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है.  प्रशिक्षण सत्र समाप्ति और परीक्षा की शुरुआत में सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी और कार्यपालक पदाधिकारी समेत क्षेत्र पदाधिकारी अपने मोबाइल फोन के माध्यम से डीसीएचबी के लिए बने व्हाट्सऐप ग्रुप में जुड़े. इसके बाद सभी प्रतिभागियों ने स्लाइडो ऐप के लिंक के माध्यम से लॉगइन कर अपना नाम एवं पद का विवरण दर्ज करते हुए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपना रजिस्ट्रेशन किया.  इसके बाद नगर और ग्रामीण क्षेत्र के लिए अलग अलग ग्रुप में क्विज प्रारंभ हुआ. डीसीएचबी प्रशिक्षण के दौरान चार सत्रों में बताए गए कुल नौ खंड के कंटेंट के आधार पर मल्टीपल चॉइस प्रश्नों का रोमांचक दौर चला. प्रत्येक प्रश्न प्रतिभागियों के मोबाइल स्क्रीन पर 40 सेकेंड तक प्रदर्शित किया गया. जिसके भीतर उन्हें सही उत्तर देना था. इस क्रम में कुल 30 प्रश्न एक-एक कर पूछे गए. हर प्रश्न के बाद स्क्रीन पर यह भी प्रदर्शित किया गया कि कितने प्रतिभागियों ने सही और कितनों ने गलत उत्तर दिया. जिससे प्रशिक्षण प्रतिस्पर्धात्मक और ज्ञानवर्धक बन गया.  क्विज समाप्त होने के बाद अंतिम परिणाम प्रदर्शित किया गया. जिसमें सबसे कम समय में सर्वाधिक सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों की क्रमवार सूची प्रदर्शित की गई. उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले टॉपर प्रतिभागियों के नाम मंच से घोषित किए गए तथा उन्हें सम्मानित भी किया गया.  इससे पूर्व जिला जनगणना अधिकारी सह अपर समाहर्ता मुकेश कुमार ने प्रशिक्षण कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए कहा कि डीसीएचबी ग्राम एवं नगर स्तर पर विकास योजनाओं के निर्माण का महत्वपूर्ण आधार है. उन्होंने क्षेत्र पदाधिकारियों से प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने और सटीक आंकड़ों के संग्रहण पर विशेष ध्यान देने की अपील की. जनगणना निदेशालय की जिला नोडल अदिति आनंद और सहायक आयुषी सिंह ने नगर क्षेत्र और प्रशिक्षक शंकर शरण श्रीवास्तव व लक्ष्मी मिश्रा ने ग्रामीण चार्ज का सत्र का संचालन किया. उन्होंने बताया कि जिला जनगणना हस्तपुस्तिका में ग्राम स्तर पर लगभग 400 तथा नगर स्तर पर 420 प्रकार की जानकारियां एकत्र की जाती हैं. 1 अगस्त से 31 अगस्त तक क्षेत्र पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में मोबाइल ऐप के माध्यम से डेटा संग्रह करेंगे. भूमि सुधार उप समाहर्ता सह एसएलएमटी आलोक राज ने बताया कि पहली बार डीसीएचबी का कार्य पूरी तरह डिजिटल माध्यम से होगा और डेटा संग्रह मोबाइल ऐप के जरिए किया जाएगा. क्विज और प्रशिक्षण आयोजन में एनआईसी के प्रवीण कुमार, मनीष कुमार, चंदन कुमार, एएसओ धर्मजय, सुधीर कुमार, कोषांग के डॉ. विनय प्रताप सिंह, सुनील कुमार, प्रवीण कुमार, विजयेंद्र विजय, राकेश कुमार सिन्हा, संतोष कुमार, अरुण कुमार सिंह, अरविंद कुमार सिंह, विनय कुमार सिंह, अजीत सिंह समेत अन्य कर्मियों ने सहयोग किया.