सारण की शख्सियत : NRI, डॉ आनंद कुमार, प्रख्यात इकोनॉमिस्ट एंड बैंकर्स

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 Chhapra Desk – छपरा शहर के दहियावां निवासी एनआरआई डॉक्टर आनंद कुमार किसी पहचान के मोहताज नहीं है. उनकी विद्वता के कायल यूनाइटेड किंगडम में भी हैं. एक इकोनॉमिस्ट एवं बैंकर्स के रूप में वह अपनी सेवा फिलहाल यूनाइटेड किंगडम में दे रहे हैं. डॉक्टरआनंद कुमार पिछले 35 वर्षों से भी अधिक समय से वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में भारत, यूके, सिंगापुर और मध्य पूर्व में काम करते आ रहे हैं. यूके स्थित आईसीआईसीआई बैंक में खुदरा बैंकिंग और बैंकिंग परिचालन की स्थापना में उनका योगदान अन्य जिम्मेदारियों में से एक है.

वे आईसीआईसीआई बैंक के क्षेत्रीय एवं आंचलिक प्रबंधक रहे हैं. यूके स्थित आईसीआईसीआई बैंक के रिटेल बैंकिंग (खुदरा बैंकिंग) के प्रमुख रहे हैं और इसके बाद आईसीआईसीआई लोम्बार्ड के अंतर्राष्ट्रीय व्यवसाय को बढ़ाने में उन्होंने अग्रणी भूमिका निभाई है. इसके तहत जीसीसी और अन्य भौगोलिक क्षेत्र शामिल हैं.इसके बाद उन्होंने यूके स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में सलाहकार और रणनीतिक पहल तथा खुदरा बैंकिंग के प्रधान के रूप में काम किया.

उन्होंने यूके में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया लिमिटेड की सब्सिडियरी की स्थापना में सहयोग दिया और इसके बोर्ड में कार्यपालक निदेशक और उप मुख्य कार्यपालक की हैसियत से 7 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं. 01 जुलाई 2020 से वे इस बैंक के गैर कार्यपालक निदेशक की भूमिका अदा कर रहे हैं.दिसंबर 2019 से वे अफगानिस्तान स्थित फर्स्ट माइक्रो फिनांस बैंक के बोर्ड के पर्यवेक्षक सदस्य के रूप में भी कार्यरत हैं.

वे यूके स्थित चार्टर्ड इंस्टिट्यूट ऑफ सिक्युरिटीज ऐंड इन्वेस्टमेंट के फ़ेलो हैं और वहां के माइक्रो फिनांस क्लब के सदस्य भी हैं. इस संस्थान में उन्होंने दो वर्षों तक निदेशक के रूप में भी काम किया है.वे लंदन के हैरो स्थित रॉक्सबॉर्न स्कूल में दो वर्षों के लिए पैरेंट गवर्नर भी रहे हैं.एनएसपीसीसी के साथ जुड़े रहने के अलावा वे भारत के बिहार राज्य में कुसुम फाउंडेशन के संस्थापक भी हैं. यह संस्था पिछले 12 वर्षों से ग्रामीण बच्चों को व्यावसायिक शिक्षा दे रही है.

जिसके अंतर्गत अभी तक 5000 से भी अधिक बच्चों को उनके कौशल विकास में मदद की गई है /हुनर को तराशने का काम किया गया है. इसमें 60% छात्र उस ग्रामीण क्षेत्र की लड़कियां हैं. श्री आनंद कुमार को एमबीए में डॉक्टोरेट की उपाधि प्राप्त है और उन्हें एल एल बी. की डिग्री , बैंक प्रबंधन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा, तथा प्रशिक्षण और विकास में भी डिप्लोमा प्राप्त है.वे 12 वर्षों तक लंदन स्थित ग्रीनविच यूनिवर्सिटी के बिजनेस स्कूल में अतिथि संकाय भी रहे हैं. वे सीआईएसआई, यूके द्वारा आयोजित अनुपालन परीक्षा की मॉडरेटिंग पेपर्स की समिति के सदस्य भी हैं.

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