Chhapra Desk- सारण जिले के बनियापुर थाना क्षेत्र स्थित आयुष सेवा सदन क्लीनिक के डॉक्टर द्वारा प्रसव पीड़िता की ऑपरेशन के बाद उसकी मौत को लेकर परिजनों ने जमकर बवाल काटा. मृत महिला के परिजन शव को लेकर थाने पहुंच गए. परिजन निजी क्लीनिक के डॉक्टर पर ऑपरेशन में लापरवाही करने व मरीज की खराब हालत के बाद भी जानकारी नहीं देने का आरोप लगा रहे थे. शव के साथ दर्जनों लोगों के थाने पहुंचने के बाद कुछ देर के लिए अफरातफरी मच गई. पुलिस मृत महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल छपरा भेज दिया. वहीं मृतका के ससुर व थानाक्षेत्र के चतुर्भुज छपरा निवासी जलेश्वर साह के लिखित बयान पर डॉक्टर के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. दर्ज प्राथमिकी में बताया गया है कि प्रसव पीड़िता निकिता को बीते 30 जनवरी को प्रसव का दर्द हुआ था. उसे इलाज़ के लिए बनियापुर के एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया गया. जहां डॉक्टर ने बिना पूछे ही ऑपरेशन कर दिया. ऑपरेशन के बाद डॉक्टर ने चालीस हजार रुपये भी ले लिए.

पीड़ित महिला के विषय में पूछताछ करने पर डॉक्टर ने बताया कि जुड़वा बच्चे पैदा हुए हैं. तीन दिनों तक जब महिला को होश नहीं आया तब इसे गम्भीरता से लिया गया. काफी दबाव के बाद महिला को अचेत अवस्था में ही रेफर कर दिया गया. जब महिला को पटना के अस्पताल में भर्ती कराया गया तब जानकारी मिली कि गलत इलाज के कारण उसका पूरा शरीर संक्रमित हो गया है. पटना के डॉक्टर ने उसका बचना मुश्किल बताया. प्रसव पीड़िता निकिता ने सात फरवरी को दम तोड़ दिया. मृतका के ससुर ने यह भी आरोप लगाया है कि डॉक्टर द्वारा इस बाबत पूछताछ के दौरान गाली-गलौज भी की गई. एक आशा कार्यकर्ता द्वारा उचित इलाज के नाम पर बरगला कर आयुष सेवा सदन में भर्ती कराने का आरोप भी लगाया गया है. मृतका के ससुर ने डॉ मनोज कुमार पूरी को दोषी ठहराते हुए नामजद किया है. वहीं घटना कर बाद नामजद डॉक्टर फरार हो गया है.
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