CHHAPRA DESK – सारण जिला पदाधिकारी अमन समीर निरीक्षण के क्रम में आज छपरा सदर अस्पताल पहुंचे, जहां करीब दो घंटे तक उन्होंने सदर अस्पताल का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान सबसे रोचक बात यह रही कि मरीजों ने खुलकर दलालों की शिकायत की उन्होंने बताया कि जांच के लिए दवा के नाम पर यहां खूब दलाली हो रही है. यहां तक कि अस्पताल में एक लड़का आया और उसके मरीज का ब्लड निकाल कर ले गया और उसके द्वारा ₹1000 की मांग की गई. जब उसके द्वारा पूछताछ की गई तो उसके द्वारा बताया गया कि यह जांच बाहर से करवाई गई है. जबकि सदर अस्पताल में अपना लैब है.

वही अल्ट्रासाउंड के बाहर लगी भीड़ पर मरीजों ने बताया कि यहां प्रतिदिन 20 से 25 ही अल्ट्रासाउंड किए जाने को लेकर उन्हें 7:00 बजे सुबह से नंबर में खड़ा रहना पड़ता है ताकि उन्हें फिर दूसरे दिन नंबर लगाने के लिए नहीं आना पड़ जाज. जिस पर डीएम ने अस्पताल प्रशासन को इतने सुधार करने का निर्देश दिया. निरीक्षण के क्रम में डीएम पहले ओपीडी पहुंचे जहां उनके द्वारा जांच घर का निरीक्षण कर वहां प्रयोग हो रहे जांच से संबंधित मशीनों का साप्ताहिक जांच करने का निर्देश दिया गया ताकि जांच सही ढंग से हो सके. साथ ही खराब मशीनों को एजेंसी से शीघ्र ठीक करवाने हेतु निर्देशित किया. वहीं फिजियोथैरेपी कक्ष में गंदगी पाये जाने पर जिलाधिकारी के द्वारा साफ-सफाई रखने हेतु निर्देशित किया गया.

वहीं उपाधीक्षक के कार्यालय में जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्रों को तीन दिनों के अंदर में निर्गत करने का निर्देश दिया. साथ ही अस्पताल में खराब पड़े बायोमिट्रिक मशीन को अतिशीघ्र ठीक कराने का निर्देश दिया. जिसके बाद शिशू वार्ड में आने वाले अभिभावकों को चमकी बुखार की जानकारी संबंधी पम्पलेट वितरित कराने का निर्देश दिया गया. वहीं दंत रोग वार्ड में कक्ष की मरम्मति एवं दांत से संबंधित सभी रोगों के लिए आवश्यक मशीन की लगाने का निर्देश दिया गया. वहीं प्रसूति कक्ष के निरीक्षण के दौरान कहा गया कि यहां आने वाले प्रत्येक महिला क हीमोग्लोबिन की जांच प्रत्येक माह कराये. प्रसूति के लिए आने वाली महिलाओं का आवश्यक होने पर तुरंत ऑपरेशन करें एवं उनके बैठने की समुचित व्यवस्था करें ताकि इन महिलाओं को ज्यादा देर तक खड़ा नही रहना पड़े.

निरीक्षण के क्रम में पाया गया कि प्रसूति विभाग एवं ब्लड बैंक में एक ही डॉक्टर है. इसपर जिलाधिकारी के द्वारा 24 घंटे का रोस्टर बनाकर अलग-अलग डॉक्टर प्रतिनियुक्त करने हेतु निर्देशित किया गया. उन्होंने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि डॉक्टर की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित करायी जाए. वहीं बच्चों के सघन जांच कक्ष में 24 घंटे डॉक्टर की उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु कहा गया.

अल्ट्रासाउंड के रिपोर्ट में फिल्म जरूरी
प्रतिदिन 20 अल्ट्रासाउन्ड होने की संख्या को बढ़ाने हेतु निर्देश देते हुए डीएम ने जब मरीजों से बात की और उनका रिपोर्ट देखा तो भौचक्क रह गए. उन्होंने देखा कि अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट के साथ फिल्म नहीं दिया जा रहा है और सिर्फ पेपर पर हाथ से लिखा हुआ रिपोर्ट दिया जा रहा है. यह देखकर उन्होंने कहा कि हर हाल में अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट के साथ फिल्म जरूर दें, जिससे कि सही जांच हो सके.

डीएम ने सभी वार्डों का बखूबी किया निरीक्षण
डीएम ने अस्पताल अंतर्गत आनेवाले सभी संस्थाओं यथा जांच घर कार्यालय ओपीडी, रजिस्ट्रेशन काउंटर, दवा वितरण केन्द्र एसएनसीयू ब्लड बैंक, आईसीयू इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण कर सभी कार्यालयों के बाहरी दीवाल पर डॉक्टर सहित सभी कर्मियों का नाम, फोटो, मोबाइल नंबर प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया तथा सभी डॉक्टर एवं कर्मी को अपनी ड्यूटी के समय निश्चित रूप से पहचान पत्र धारण करने का निर्देश दिया गया.

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