CHHAPRA DESK – छपरा-हाजीपुर फोरलेन बनने में 14 साल भी कम पड़ गया।यह परियोजना सूबे में सबसे लंबित में माना जा रहा है. लोगों का फोरलेन पर फर्राटेदार यात्रा का आनंद लेने का सपना तय समय के तीन गुना बीत जाने के बाद भी अधूरा है. वर्ष 2009 में हाजीपुर से छपरा-मेथवलिया एनएच 19 को फोरलेन बनाने का काम शुरु हुआ था. शुरू के वर्षों में निर्माण कार्य तेजी से हुआ भी लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया काम की रफ्तार धीमी पड़ती गई. काम की रफ्तार धीमी पड़ने के पीछे कई कारण हैं. वर्ष 2011-12 में बारिश के मौसम में करीब छह माह तक काम प्रभावित रहा. उसके बाद भूमि अधिग्रहण के कारण भी कुछ दिनों तक काम रुका रहा.

निर्माण कंपनी को कम राशि प्राप्त होने के कारण भी काम पड़ बुरा प्रभाव पड़ा फिलवक्त निर्माण कार्य करा रहे मधुकॉन कंपनी का दावा है कि फोरलेन का काम 70 फीसद पूरा हो चुका है. अगर कोई व्यवधान नहीं आया तो इस साल के अंत तक फोरलेन का काम लगभग कंप्लीट हो जायेगा. यहां बता दें कि इस बीच कंपनी ने जब काम शुरुआत की थी तो प्रारंभिक लागत करीब 500 करोड़ ही था अब यह बढ़कर 14 साल में 11 सौ करोड़ से अधिक चला गया है.

पांच आरओबी बनना है,दो आरओबी लगभग बन चुका है,बाकी का काम अधर में
फोरलेन निर्माण में अभी बहुत से काम बाकी है. दिघवारा के 17 नंबर रेलवे ढाला के समीप अभी भी सड़क बनाना बाकी है. मानुपुर व छपरा ग्रामीण स्टेशन से पहले रेलवे क्रॉसिंग के समीप ओवरब्रिज का निर्माण कार्य लगभग पूरा है. कई जगहों पर पुल-पुलिया व सड़क का निर्माण कार्य आधा-अधूरा है. फोरलेन बनने के बाद कम समय में छपरा से हाजीपुर की दूरी तय की जा सके. फोरलेन में कुल पांच जगहों पर आरओबी बनना है. इसके लिए कंपनी ने पिछले जून में ही प्रस्ताव रेलवे को भेजा था. लेकिन परमिशन बिलंब से मिलने के कारण काम अधूरा पड़ा रहा. लिहाजा स्लैब व पाया बनकर तैयार है.

प्रभाव: जितने अधिक दिन तक लंबित योजना होगा उसका खर्च बढ़ेगा। इससे टोल टैक्स पर भार पड़ेगा. इसका असर आम जनों पर पड़ेगा। ज्यादा दिनों तक टॉल टैक्स की वसूली की जायेगी. सड़क हादसों में भी बढ़ोतरी है.

यहां भी हैं पेच
– सोनपुर के परमानंदपुर में जमीन के मुआवजा को ले है पेंच
-सोनपुर के अपसैद,मुर्राथान में भूअर्जन का मामला लंबित
-शीतलपुर के मानपुर में सड़क का नक्शा पास नहीं-आमी के सैदपुर में फोरलेन में पड़े पेड़ के मुआवजा भुगतान को ले पेंच
-विष्णुपुरा में आरओबी के निर्माण में बाधा-छह आरओबी में से चार के निर्माण में स्थानीय पेंच
-फोर लेन बनने से ये होंगे फायदे छपरा शहर में वाहनों का बोझ कम होगा
-जाम की समस्या से निजात -सड़क दुर्घटनाओं में कमी
-छपरा से हाजीपुर की दूरी कम समय में तय की जा सकेगी
-आस-पास के इलाकों का विकास

-एक नजर में फोरलेन निर्माण निर्माण कार्य शुरू हुआ
– 2009 सड़क की लंबाई- 63 किमी प्रारंभिक लागत
-500 करोड़ अब कितना लागत-1100 करोड़ फोरलेन के रास्ते में पड़ने वाले गांव
– 79 रास्ते में पड़ने वाले सामुदायिक भवन व स्कूल
– 22 कुल जमीन अधिग्रहण-326 हेक्टेयर कुल मुआवजा राशि
-3 अरब 40 करोड़ 86 लाख 82 हजार 389 मुआवजा की राशि भुगतान हुआ
-2 अरब,72 करोड़,26 लाख,11 हजार,591

अभी कितना हुआ है काम
छपरा-हाजीपुर फोरलेन 66 किलोमीटर में बनना है। इसमें अभी 22 किलोमीटर पूरा हो चुका है. जून तक 18 किमी और पूरा हो जाने की दावा की जा रही है. ऐसे चालू करने का डेटलाइन जून 2018 ही था। लेकिन व्यवधानों के कारण पूरा नहीं हो सका है. बता दे कि इस साल के अंतिम में 40 किलोमीटर तक फोरलेन हर हाल में पूरा हो जायेगा.

क्या कहते हैं जीएम
आमी से डोरीगंज तक का काम दिसंबर तक पूरा कर लिया जायेगा। निर्माण कार्य में कई जगह मुआवजा व भूअर्जन का पेंच था। जिसके कारण काम में कुछ बाधा आई. बाकी काम चलेगा अभी।
मो. साबरी जीएम,मधुकन प्रोजेक्ट लिमिटेड

क्या कहते हैं डीएम
फोरलेन निर्माण में जो भी बाधा है उसे दूर कर लिया गया है. निर्माण कंपनी को भी काम में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है. बहुत जल्द काम पूरा कर लिया जायेगा. पहले में निरीक्षण भी किया गया था.
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