CHHAPRA DESK – अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर एसबीआई के द्वारा महिला सशक्तिकरण पर चर्चा की गई और महिलाओं को सम्मानित किया गया। मुख्य समारोह स्टेट बैंक के क्षेत्रीय व्यवसाय कार्यालय परिसर में हुआ. बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक संजीत कुमार ने सम्मान समारोह में कहा कि भारत में नारी को देवी के रूप में देखा गया है. कहा जाता है कि जहां नारी की पूजा होती है वहां देवता निवास करते हैं. प्राचीन काल से ही यहां महिलाओं को समाज में विशिष्ट आदर एवं सम्मान दिया जाता है.

भारत वह देश है जहां महिलाओं की सुरक्षा और इज्जत का खास ख्याल रखा जाता है. अगर हम इक्कीसवीं सदी की बात करें तो यहां की महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिला काम कर रही हैं. हमारे देश में महिलाओं को पुरुषों के बराबर अधिकार है. महिलाएं देश की आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करती हैं तथा विकास में भी बराबर की भागीदार हैं. आज के युग में महिला, पुरुषों के साथ ही नहीं बल्कि उनसे दो कदम आगे निकल चुकी है. महिलाओं के बिना स्वस्थ्य समाज की कल्पना भी नहीं की जा सकती है. भारतीय संविधान के अनुसार महिलाओं को भी पुरुषों के समान जीवन जीने का हक है.

बैंकिंग सेक्टर में भी महिलाएं अग्रणी भूमिका निभा रही है. इस अवसर पर बैंकिंग, समाज सेवा, स्वयं सहायता समूह, कला- संस्कृति क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करने वाली दस नारी शक्ति को सम्मानित भी किया गया. सम्मानित होने वालों में बैंकिंग सेक्टर से दामिनी कुमारी, अभ्या कुमारी, कात्यायनी कुमारी, अंशु प्रिया, दिव्या सिंह, रक्तदान को बढ़ावा देने में ट्विंकल कुमारी, कला संस्कृति क्षेत्र से कुमारी अनीषा,ममता कुमारी, जीविका से बबीता देवी व अनीता देवी शामिल थी। सम्मान समारोह के दौरान सम्मानित नारी शक्ति ने अपने-अपने क्षेत्रों में किए गए योगदानों की भी चर्चा की. सभी ने एक स्वर से कहा कि तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपना अभियान जारी रखा इसका परिणाम भी सुखद रहा.

राष्ट्रपति से सम्मानित कुमारी अनीषा ने कहा कि एसबीआई का प्रयास सराहनीय है. इससे समाज में कुछ बेहतर करने की माद्दा रखने वाली नारी शक्ति को प्रोत्साहन मिलेगा। प्रेसिडेंट अवॉर्ड से नवाजी गयी ममता कुमारी ने बताया कि व कला संस्कृति के साथ-साथ खेलकूद को बढ़ावा देने में भी अपना काफी समय व्यतीत करती हैं.दलित बस्ती की छोटी-छोटी बच्चियों को शिक्षा से जोड़ने का भी काम कर रही हैं. बच्चियों को आत्मरक्षा के लिए मार्शल आर्ट की भी ट्रेनिंग देती हैं.

वही दिल्ली राजपथ पर गणतंत्र दिवस परेड में शिरकत कर चुकी ट्विंकल ने रक्तदान के महत्व पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि वह अब तक 14 बार रक्तदान कर चुकी हैं. कोरोना काल में भी जरूरतमंद लोगों को रक्त उपलब्ध कराने के अभियान में वह थी. जीविका से जुड़ी बबीता देवी व अनीता देवी ने कहा कि उन लोगों की आर्थिक स्थिति काफी खराब थी. एसबीआई की सहायता लेकर वह आत्मनिर्भर बनी और घर- परिवार की गाड़ी को आसानी से खींच रही है. आर्थिक समृद्धि के साथ-साथ खुशहाल जीवन जी रही हैं.

सम्मानित होने वाली बैंक कर्मियों ने कहा कि एसबीआई महिलाओं के हितों की रक्षा में हमेशा अहम भागीदारी निभाता है. आधी आबादी को काफी बढ़ावा दिया जाता है. इसी का परिणाम है कि एसबीआई में महिलाओं की संख्या अच्छी खासी है. इस अवसर पर चीफ मैनेजर संजय कुमार शशि भूषण, वीरेश प्रसाद विश्वकर्मा, बालादित्य कुमार, टी एन तिवारी, शशिकांत त्रिपाठी व अन्य ने भी विचार रखे.

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