CHHAPRA DESK – सारण जिले के एकमा थाना क्षेत्र अंतर्गत एकमा-ताजपुर सड़क स्थित वरदान हॉस्पिटल में उपचार के क्रम में एक महिला की मौत के बाद परिजनों ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाकर जमकर हंगामे के बाद उस अस्पताल में तोड़फोड़ कर दिया. जिससे उक्त हॉस्पिटल के लाखों रुपए का नुकसान हो गया. वहीं सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला के शव को कब्जे में लेकर छपरा सदर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. मृत महिला जिले के जकमा थाना क्षेत्र के माने मठिया गांव निवासी अखिलेश भारती की 26 वर्षीय पत्नी आरती कुमारी बताई गई है. सांस में तकलीफ होने के बाद उस महिला को परिवार वालों के द्वारा स्थानीय वरदान हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया. जहां डॉक्टर अमित कुमार के द्वारा उसका उपचार किया गया. उसी क्रम में चिकित्सक उसे देख कर चले गए और उनके कहने के अनुसार स्वास्थ्य कर्मियों के द्वारा दवा देकर ऑक्सीजन लगा दिया गया. लेकिन उस महिला की स्थिति लगातार बिगड़ती गई और स्थिति बिगड़ने के बाद चिकित्सा के द्वारा उसे रेफर किया गया. जबकि कुछ ही पल में उस महिला की मौत हो गई. जिसके बाद परिजनों और स्थानीय ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। उस महिला की मौत के बाद माने मठिया और आसपास के कुछ गांव के लोगों ने अपनी नाराजगी जताते हुए अस्पताल में तोड़फोड़ की. उस दौरान ऑक्सीजन सिलेंडर, जेनेरेटर सेट, कई चार पहिया वाहन के शीशे, एलसीडी टीवी, चिकित्सकीय उपकरणों, अग्निशामक यंत्र, काउंटर, छत के पंखे आदि को तोड़फोड़ कर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। आरोप है कि काउंटर में रखे नकदी भी काउंटर तोड़कर निकाल लिया गया. वहीं निजी अस्पताल में भर्ती मरीजों के साथ दुर्व्यवहार भी किया गया. जानकारी पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया. अस्पताल प्रबंधन के द्वारा एकमा पुलिस इंस्पेक्टर बालेश्वर राय और एकमा थानाध्यक्ष देवकुमार तिवारी के समक्ष दिए गए बयान में लगभग 6 से 7 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान बताया गया है. वहीं समाचार प्रेषण तक सीसीटीवी फुटेज को भी एकमा पुलिस के हवाले अस्पताल प्रबंधन द्वारा करा दिया गया है. वही मृत महिला के परिजनों के द्वारा चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाए जाने के बाद पुलिस ने उसके शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल छपरा भेज दिया. इस संबंध में मृत महिला आरती देवी के भाई अनील कुमार, निवासी बेरुई थाना बनियापुर के द्वारा एकमा थाने में आवेदन देकर बताया गया है कि सांस की समस्या से ग्रसित बहन को उपचार हेतु निजी अस्पताल में लाया गया. स्वास्थ्य कर्मी द्वारा ऑक्सीजन सिलेंडर लगाया गया और ब्लड जांच हेतु भेजवाया गया. स्थिति नाजुक देख मरीज को छपरा रेफर किया गया. उस दौरान महिला की मौत हो गई. इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए छपरा सदर अस्पताल भेजा. जहां शव का पोस्टमार्टम कराए जाने के बाद उसे परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया. वहीं इस मामले में प्राथमिकी की प्रक्रिया चल रही थी.