Chhapra Desk – छपरा मंडल कारा में आवश्यकता से काफी अधिक कैदी है. जेल ओवर क्राउडेड है. जिसके लिए संस्थात्मक बदलाव जरूरी है. उक्त बातें दिल्ली से छपरा मंडल कारा का निरीक्षण करने पहुंची राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम के पदाधिकारी ज्ञानेश्वर मुले ने कही. मानवाधिकार आयोग की टीम सारण डीएम राजेश मीणा, एसडीओ अरुण सिंह, एसपी संतोष कुमार सहित अन्य पदाधिकारियों के साथ छपरा मंडल कारा पहुंची.
जहां उनके द्वारा गहनता से मंडल कारा का निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के क्रम में टीम ने मंडल कारा में निरुद्ध कैदियों के रहन-सहन, खानपान एवं उनके स्वास्थ्य से संबंधित गहनता से जांच के बाद कैदियों से बातचीत भी किया. वही उनके द्वारा मंडल कारा के अधिकारी एवं कर्मचारियों को कुछ आवश्यक निर्देश भी दिए गए. मंडल कारा का करीब 3 घंटे तक निरीक्षण के उपरांत बाहर निकलने पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए ज्ञानेश्वर मुले ने कहा कि मंडल कारा प्रशासन के द्वारा उन्हें निरीक्षण के क्रम में पूरा सहयोग किया गया है.
निरीक्षण के दौरान उनके द्वारा मंडल कारा में बंद सभी कैदियों के रहन-सहन, खानपान एवं स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी हासिल किया गया है. वहीं उन्होंने कैदियों के रसोई का भी निरीक्षण किया. मंडल कारा में मौजूद कमियों के विषय पर पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि कमियां कुछ ना कुछ रह ही जाती हैं. जिसका सुधार के लिए उनके द्वारा पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है.
उन्होंने कहा कि छपरा मंडल कारा ओवर क्राउडेड है. एक कमरे में आवश्यकता से अधिक कैदी रह रहे हैं, जो कि उनके स्वास्थ्य के अनुकूल नहीं है. लेकिन इसे अचानक से ठीक नहीं किया जा सकता है. इसके लिए संस्थात्मक बदलाव जरूरी है. वहीं उनके द्वारा कैदियों के सुरक्षा का भी जायजा लिया गया. बताते चलें कि पूर्व निर्धारित इस कार्यक्रम को लेकर बीते दिन बुधवार को सारण डीएम एवं एसपी के द्वारा छपरा मंडल कारा का निरीक्षण किया गया था.
जिसके उपरांत आवश्यक निर्देश भी दिए गए थे. मानवाधिकार आयोग की टीम के साथ मंडल कारा कर निरीक्षण करने वालों में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सहायक निबंधन विधि देवेंद्र कुंद्रा, संतोष कुमार के साथ सिविल सर्जन डॉक्टर सागर दुलाल सिन्हा, भगवान बाजार थाना अध्यक्ष मंजू सिंह एवं स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे.