नगर निगम में फॉगिंग के नाम पर लाखों की लूट ; फॉगिंग नहीं होने से शहर में बढा मच्छरों का प्रकोप ; कालाजार और मलेरिया फैलने की आशंका

नगर निगम में फॉगिंग के नाम पर लाखों की लूट ; फॉगिंग नहीं होने से शहर में बढा मच्छरों का प्रकोप ; कालाजार और मलेरिया फैलने की आशंका

CHHAPRA DESK –  छपरा नगर निगम कहे या नरक निगम कोई फर्क नहीं पड़ता. फॉगिंग के नाम पर नगर निगम में लाखों रुपए की लूट मची है. विभाग के पास सरकार ने फॉगिंग मशीन उपलब्ध करा दिया. लाखों रुपये का केमिकल भी उपलब्ध हुआ. लेकिन, लूट को लूट-खसोट के कारण शहर में फॉगिंग मशीन किसी क्षेत्र में फॉगिंग करते दिखता ही नहीं और नगर निगम की शोभा बढ़ा रहा है. फल स्वरुप शहर में मच्छरों का प्रकोप बढ़ा हुआ है जिसके कारण कालाजार और मलेरिया फैलने की आशंका बढ़ गई है.

जहां एक तरफ सरकार मलेरिया और कालाजार उन्मूलन के लिए करोड़ों रुपए पानी की तरह बहा रही है. वहीं नगर निगम प्रशासन की उदासीनता के कारण शहर के खुले नाले और जलजमाव की समस्या मच्छरों को पनपने में काफी सहायक साबित हो रहे हैं. खुले नाले और सड़कों पर जलजमाव की समस्या छपरा नगर निगम की पहचान सी बन चुकी है. जिसके कारण समस्या बद से बदतर होती जा रही है. ऐसी स्थिति में आ चुकी है. मच्छरों का प्रकोप इस कदर बढ़ा है कि लोग अपने घरों में दिन भर मॉस्किटो रिपेलेंट या अगरबत्ती जला कर बैठ रहे हैं या फिर मच्छरदानी के अंदर बैठ रहे हैं.

मच्छर भगाने के नाम पर 8 से 10 करोड़ रुपये का होता है व्यापार

बता दें कि छपरा में मच्छर भगाने के नाम पर विभिन्न कंपनियों के मॉस्किटो रिपेलेंट, कछुआ छाप अगरबत्ती, मॉस्किटो लोशन आदि का करीब 8 से 10 करोड़ रुपये का व्यापार होता है. जिसमें छोटी से बड़ी कंपनियां मच्छर भगाने के नाम पर अपना बिजनेस चमका रही है और यह यह बोझ जिले वासियों के पॉकेट पर पड़ रहा है.

क्या कहते हैं नगर आयुक्त

इस मामले में अपना पल्ला झाड़ते हुए नगर आयुक्त संजय उपाध्याय ने बताया कि नगर निगम के पास सुविधाएं हैं. इसका उपयोग मेयर और डिप्टी मेयर बेहतर तरीके से कर सकती हैं.

 

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