फर्जी कंपनी के नाम पर 18 करोड़ के जीएसटी की चोरी ; नाई को पार्टनर बना ओंटरप्रिनियल बिजनेस हाउस प्राइवेट लिमिटेड का संचालन करती थी महिला

फर्जी कंपनी के नाम पर 18 करोड़ के जीएसटी की चोरी ; नाई को पार्टनर बना ओंटरप्रिनियल बिजनेस हाउस प्राइवेट लिमिटेड का संचालन करती थी महिला

CHHAPRA DESK – कौन है वह महिला जिसमें एक नई को पार्टनर बना कर फर्जी कंपनी ओंटरप्रिनियल बिजनेस हाउस प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर सरकार को लगाया 18 करोड़ के जीएसटी का चूना दगा दिया है. उक्त कंपनी का फर्जी पते पर संचालन किया जा रहा था. मामला सारण जिले के जलालपुर प्रखंड के संवरी गांव का है. यह खुलासा तब हुआ जब उक्त कंपनी पर 18 करोड़ का जीएसटी बकाया होने पर डीडीआरआई (डायरेक्टर जनरल आफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस) ने कंपनी के पते पर छापेमारी किया.

छापेमारी में खुलासा हुआ कि जिस व्यक्ति को कंपनी का पार्टनर बनाया गया है, वह जलालपुर के संवरी गांव का वीरेंद्र ठाकुर है, जो कि नाई है और जलालपुर बाजार पर बाल कटाई का काम करता है. जीएसटी इंटेलीजेंस के वरीय अधिकारियों ने जब पूछताछ शुरू की तो वे भी हतप्रभ रह गए. शातिरों ने वीरेंद्र ठाकुर के दो कमरे के मकान को कंपनी का रजिस्टर्ड आफिस भी बनाया था. जिसमें साक्ष्य के तौर पर श्री ठाकुर का बिजली बिल लगाया गया था.

चार सदस्यीय रेवेन्यू इंटेलिजेंस टीम के हेड आशुतोष कुमार ने पूरे मामले की बारीकी से छानबीन की. सबूत के तौर पर टीम ने वीरेंद्र ठाकुर का आधार कार्ड तथा वोटर कार्ड भी लिया. पैन कार्ड की मांग की तो पैन कार्ड आज तक बनाया ही नहीं था.

फर्जी कंपनी का करोड़ों का था टर्नओवर, 18 करोड़ का जीएसटी भी बकाया

शातिरों ने पार्टनरशिप में ऑटरप्रिनियल बिजनेस हाउस प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी बनाई थी. जिसमें वीरेंद्र ठाकुर के साथ-साथ एक महिला शामिल इस कंपनी का टर्नवोभर करोड़ों में है. इस कंपनी के फर्जी इनवायस से पं बंगाल, उड़ीसा, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, कर्नाटक सहित अन्य राज्यों में लोहे की आपूर्ति की जाती थी. जबकि कंपनी का जीएसटी चुकाया ही नहीं जा रहा था.

इसी कारण से जीएसटी इंटेलिजेंस ने कंपनी के रजिस्टर्ड पते पर छापेमारी की जीएसटी इंटेलिजेंस को अब कंपनी के उस महिला पार्टनर की तलाश है. उसके बाद कंपनी के सारे फर्जी कारनामों की पोल खुल जाएगी. वहीं जांच टीम ने जब विरेंद्र ठाकुर की स्थिति जानी तो वह भी चकित रह गए. गांव वालों ने उन्हें बताया कि बाल कटाई से जो पैसा मिलता है उसी से किसी तरह वह अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं.

जिसके बाद जांच अधिकारियों ने आधार कार्ड तथा वोटर कार्ड लेकर छानबीन की और एक जांच रिपोर्ट भी बनाई. जिस पर वीरेंद्र ठाकुर के हस्ताक्षर के साथ-साथ गांव के पांच लोगों का हस्ताक्षर भी कराया. जांच टीम ने बताया कि महिला पार्टनर की तलाश जारी है. उसके मिलने पर पूरे मामले का उद्भेदन हो जाएगा.

 

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