CHHAPRA DESK – छपरा रिमांड होम में होमगार्ड के जवान की बाल कैदियों के द्वारा चाकू गोदकर निर्मम हत्या के राज परत-दर-परत खुलने शुरू हो गए हैं. सीसीटीवी से उस हत्या में शामिल पांच बाल कैदियों की पहचान कर पुलिस ने उन्हें दूसरे जगह स्थानांतरित कर दिया है. हालांकि इससे पहले पूरी रात उनसे पूछताछ होती रही. रात्रि में बेंच भी बैठा और उन्हें दूसरे जगह स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया. सूत्रों के अनुसार पांचों बाल कैदियों का शिकार बना होमगार्ड का जवान चंद्र भूषण सिंह वास्तव में जलेबी लेकर उन बाल कैदियों को खिलाने गया था.

लेकिन, उसे पता नहीं था कि वह लोग उसकी हत्या कर भागने की फिराक में हैं और प्लान के तहत पांच बाल कैदियों ने उन्हें भी साथ जलेबी खाने के लिए अंदर बुला लिया. फिर क्या था, पांचो बाल कैदी एक साथ अचानक उनके ऊपर चाकू लेकर टूट पड़े. किसी ने सीने में तो किसी ने पीठ पर चाकू मारा. जिससे घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई.

पैरवी और फर्जी जन्म प्रमाणपत्र का खेल
होमगार्ड जवान की हत्या में शामिल दो से तीन कैदी ऐसे हैं जिनकी उम्र 18 वर्ष से कहीं अधिक है. जबकि फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवा कर पैसे और पैरवी के बल पर रिमांड होम में रह रहे हैं. होमगार्ड जवान की हत्या का मुख्य आरोपी मर्डर केस में रिमांड होम में है और उसने रिमांड होम में ही अपना गैंग बना रखा है. उसके साथ रह रहे 5 कैदियों में दो कैदी ऐसे हैं जो कि उसके हमउम्र यानि 18+ हैं और दो कैदी नाबालिक है.

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