CHHAPRA DESK – मुख्य सचिव के निर्देश पर सरकार के द्वारा पंचायत मे संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओ का जिला भु-अर्जन पदाधिकारी अनिल कुमार के द्वारा गड़खा प्रखंड के रामपुर पंचायत की जांच की गई. लेकिन जांच के नाम पर खानापूर्ति करने व ग्रामीणो के अनके मोबाइल पर फोन कर सूचना देने के वाबजूद पंचायत मे नल जल योजना मनरेगा से हुए कार्य का जांच नही करने व आधा-अधूरा स्कूल का जांच कर चल जाने के कारण ग्रामीणों ने ऊनके खिलाफ जमकर प्रदर्शन व भू-अर्जन पदाधिकारी अनिल कुमार मुर्दाबाद के नारे लगाए.

साथ ही जिला पदाधिकारी से मांग किए कि रामपुर पंचायत की जांच पुन: ईमानदार पदाधिकारी से कराई जाए. प्रदर्शन कर रहे ग्रामीण व रामपुर पंचायत के उप मुखिया रमेश कुमार सिंह, वार्ड प्रतिनिधि रंजन सिंह, भोला सिंह, सुरेन्द्र प्रसाद, आयुष कुमार, सुजिन सिंह, मुन्ना सिंह सहित दर्जनों लोगो का कहना था कि हमलोगो को जानकारी मिली कि जिला से पदाधिकारी जांच करने आएंगे पर काफी इंतजार करने पर पदाधिकारी जांच करने नही पहुंचे तब हमलोगो ने भू-अर्जन पदाधीकारी मोबाइल पर बात किए व हमलोगो ने बताया कि गलिमापुर स्कूल में पढाई सही ढंग से नही होता है.

वही हम नलजल के पानी वंचित हैं व सलेमपुर मे हो रहे मनरेगा से अर्रगना बांध का मरम्मत सही ढंग से नही किया जा रहा है. आप आकर जांच कर लीजिए. तब उनके द्वारा बताया गया कि आप लोग रूकिए मै आ रहा हूं.काफी देर इंतजार के बाद पहुंचे लेकिन जांच के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर चलते बने. उनके पहुचने के पहले स्कूल बंद हो गया. जिस कारण जांच नही हो पाया. वही नल जल पर उन्होंने कहा कि इसमे मैं कुछ नही कर सकता. यह पीएचडी से है.

वही मनरेगा से हो रहे बांध के जांच के नाम पर ग्रामीणो को कहने लगे मै वहां नही जाऊंगा. यह बात उनकी सुनते ही ग्रामीण आक्रोशित हो गए व उनके सामने ही अनिल कुमार मुर्दाबाद के नारे लगाने व जांच का विरोध करने लगे. ग्रामीण के कहा जा रहा था कि ऐसा लगा रहा है जैसे पहले से सब पैसा पर सेट कर के आए हों कि जांच नही करना है. सिर्फ खानापूर्ति कर चल जाना है. हालांकि ग्रामीण डीएम से मांग किए है कि अगर पुलिस की जांच नहीं होती है तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे.

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