Gaya Desk – गया के गाधी मैदान मे एक बैठक में संगठन के अध्यक्ष सुधांशु ने बताया कि प्रिंट मीडिया के कुछ पत्रकार पत्रकारिता में आए लोगों को फर्जी करार देते हैं एवं जब भी कभी कोई भी पत्रकार भ्रष्टाचार को उजागर करने निकलता है तो समस्या को भी ना समझे जाने उसे फर्जी कहकर अपना दायित्व निर्वहन कर देते हैं. जबकि पत्रकारिता के तहत यदि दूसरे पत्रकार पर आरोप लगाया गया है तब आरोपित व्यक्ति से भी उन पर इल्जाम लगाने के पहले उनकी बातों को भी सुन समझकर तथ्यात्मक ढंग से उनका पक्ष भी रखना चाहिए.
इस बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि दो पत्रकारों के साथ किये गए अभद्र व्यवहार के खिलाफ हालांकि बोधगया थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. बावजूद न्याय दिलाने के लिए एवं दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई के लिए बहुत जल्द मानव श्रृंखला गया समाहरणालय के समक्ष बनाया जाएगा. बैठक में निर्णय लिया गया कि लोग फर्जी-फर्जी चिल्लाते रहे. भ्रष्टाचार के खिलाफ खबर बनती है और बनती रहेगी.
जिन्हें भ्रष्टाचार के तालमेल में चलना है वह अपने रास्ते चलते रहें है. इस बैठक में दिनेश कुमार पंडित, धीरेंद्र कुमार, संदीप कुमार, चंदन कुमार, रामानुज महाराज, सौरभ कुमार, सुरेंद्र कुमार, रमेश कुमार, रंजीत कुमार मिश्रा, सुमन कुमार सिंह, मयंक कुमार झा, गजेंद्र कुमार एवं अन्य लोग उपस्थित थे.
साभार – धीरज गुप्ता