CHHAPRA DESK – सारण समाहरणालय परिसर में आत्मदाह किये जाने की सूचना के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मचा रहा. समाहरणालय में सदर सीओ सत्येंद्र कुमार सिंह, नगर थाना पुलिस, फायर ब्रिगेड का दमकल वाहन, एंबुलेंस एवं छपरा सदर अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मी डटे रहे. लेकिन वह युवक आत्मदाह करने नहीं पहुंचा.

विदित हो कि सारण में नगर निकाय चुनाव के दौरान धांधली और फर्जीवाड़े की शिकायत को लेकर वार्ड 23 की पार्षद प्रत्याशी निधि कुमारी एवं उनके अभिकर्ता राजेश उपाध्याय के द्वारा 31 दिसंबर को सारण समाहरणालय परिसर में धरना दिया गया था और आमरण अनशन करने की बात कही गई थी.

जांच नहीं होने की स्थिति में 3 जनवरी को समाहरणालय परिसर में आत्मदाह करने की बात कही गई थी. जिसको लेकर प्रशासनिक स्तर पर पहल की गई और आश्वासन दिया गया कि कमिटी बनाकर इस मामले की जांच कराई जाएगी. जिसके बाद अनशन समाप्त हो गया था. लेकिन, आत्मदाह की सूचना दिए जाने को लेकर जिला प्रशासन एहतियात के तौर पर पूरी तरह अलर्ट मोड में दिखा और समाहरणालय परिसर में पूरी चाक-चौबंद व्यवस्था देखी गई.

हालांकि पुलिस भी राजेश उपाध्याय के घर पहुंची थी लेकिन वह घर से बाहर थे. जिसको लेकर प्रशासन शाम तक समाहरणालय परिसर में पूरी तरह मुस्तैद दिखा. उस दौरान हलचल न्यूज़ 24 के द्वारा जब राजेश उपाध्याय के मोबाइल पर संपर्क किया गया तो उनके द्वारा बताया गया कि बीते दिन उनकी सारण जिला अधिकारी राजेश मीणा से वार्ता हुई थी. जिसमें उनके द्वारा सकारात्मक रुख अपनाते हुए उन्हें आश्वासन दिया गया था कि कमेटी द्वारा मामले की जांच करा कर उचित कार्रवाई भी की जाएगी. जिसको लेकर उनके द्वारा आत्मदाह नहीं करने का निर्णय लिया गया था.

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