Chhapra Desk – राष्ट्र के धरोहर, क्षत्रिय कुल के दीपक, शौर्य, ऐश्वर्य, शुरवीरता एवं स्वाभिमान के प्रतीक, ओजस्वी महायोगी, महाराणा प्रताप का जन्म दिन श्रद्धा व उल्लास के साथ समारोह पूर्वक मनाया गया. मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष चन्द्रमा सिंह के अध्यक्षता में आयोजित जयन्ती समारोह का उद्घाटन शिक्षाविद चन्द्रकेत नारायण सिंह, बंगरा पंचायत के मुखिया ललिता देवी के प्रतिनिधि चंद्रशेखर सिंह एवं विजय आईटीआई चैनपुर के निदेशक पप्पु सिंह सिग्रीवाल ने महाराणा प्रताप के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलित कर किया.

आयोजन समिति द्वारा मौके पर करीब एक दर्जन बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों एवं पंचायत प्रतिनिधियों को अंगवस्त्र से सम्मानित किया गया. सम्मानित होने वालों में मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष चन्द्रमा सिंह, चन्द्रकेत नारायण सिंह, शिक्षाविद शुभनारायण सिंह, डाॅ पीके परमार, अजय कुमार सिंह, जेपी सेनानी संघ के अध्यक्ष बिक्रमा सिंह, पूर्व मुखिया शैलेन्द्र किशोर सिंह उर्फ रंगा मिस्त्री, ब्यवसायी दिनेश कुमार सिंह, पुजेरी टुन्ना बाबा, उपेंद्र कुमार सिंह, चन्दमा तिवारी मुख्य थे.

मौके पर आयोजित सेमिनार में बोलते हुए वक्ताओं ने महाराणा प्रताप के ब्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला. वक्ताओं ने मुगल सल्तन को उखार फेंकने, घास की रोटी खाएंगे, परन्तु दास्ता स्वीकार स्वीकार नही करेगे. वक्ताओं ने उनके ब्यक्तित्व की राह पर चलने का संकल्प लिया. वही महाराणा प्रताप चौक पर आयोजित जयन्ती समारोह में प्रदेश जदयू सलाहकार समिति सदस्य कामेश्वर सिंह ने महाराणा प्रताप का स्मारक बनवाने की घोषणा की.

महाराणा प्रताप क्षत्रिय संगठन ट्रस्ट के द्वारा जिला कार्यालय पर वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती मनाई गई. मुख्य अतिथि डॉ जयराम सिंह, डॉ कामेश्वर प्रसाद सिंह एवं भाजपा प्रवक्ता विवेक कुमार सिंह थे. सारण जिला कांग्रेस का जिलाध्यक्ष कामेश्वर प्रसाद सिंह ने महाराणा प्रताप के व्यक्तित्व एवं कृतित्व की व्यापक चर्चा की. उन्होंने कहा कि देश के लोगों के लिए उनका जीवन प्रेरणादाई है. उन्होंने भारत की भूमि से मुगलों को भगाने में जो त्याग एवं बलिदान दिया वह हमेशा याद किया जाएगा.

भारतीय जनता पार्टी के जिला प्रवक्ता विवेक कुमार सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप युवाओं के लिए हमेशा प्रेरणा स्रोत है. उनकी त्याग तपस्या और स्वाभिमान की रक्षा के लिए बलिदान सर्वोच्च है. अजय एवं अपराजित विजेता है पूरा भारत वर्ष के साथ-साथ पूरा विश्व युगांतर तक उन्हें याद करेगा. अधिवक्ता अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि महाराणा प्रताप मुगलों से युद्ध करते हुए अपना सब कुछ भारत माता की अस्मिता की रक्षा के लिए निछावर कर दिया.

महाराणा प्रताप क्षत्रिय संगठन ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉक्टर राजेश कुमार सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप उनकी नजरों में भारत के पहले स्वतंत्रता सेनानी थे जो अफ़गानों और मुगलों से लड़ाई कर उनको भारत की धरती पर से भगाने का काम किया. डॉ राजेश कुमार सिंह ने केंद्र सरकार और बिहार सरकार से यह मांग की. महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर उस दिन राष्ट्रीय अवकाश घोषित हो. सारण के कांग्रेसी जिलाध्यक्ष, डॉ प्रोफेसर जयराम सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप आज भारत के सच्चे वीर सपूत थे.

इनके जैसा कोई योद्धा मुगलों और अफ़गानों से युद्ध नहीं किया. इस मौके पर बलवंत सिंह, डॉक्टर शंकर चौधरी,डॉ राजीव कुमार सिंह, रूद्र प्रताप, सोनू कुमार, राकेश कुमार सिंह आदि लोग उपस्थित थे कार्यक्रम की शुरुआत महाराणा प्रताप के। फोटो पर माल्यार्पण किया गया.

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