CHHAPRA DESK – सिंगल विंडो ऑपरेटर के हड़ताल से नीतीश के 7 निश्चय पर संपूर्ण बिहार में ग्रहण लग गया है. ऑपरेटरों के हड़ताल के कारण लगातार तीसरे दिन भी बिहार के सभी जिलों में डीआरसीसी ( जिला निबंधन कार्यालय एवं परामर्श केंद्र) में काम बाधित रहा. हड़ताल पर बैठे सिंगल विंडो ऑपरेटरों ने बताया कि उनकी मांगों में प्रशासन विभाग द्वारा गठित उच्च स्तरीय कमिटी के सिफारिस, महंगाई के अनुसार वेतनमान पुनरीक्षण, नजदीकी जिला में स्थानांतरण तथा एक माह का कटौती किये गये मानदेय का ब्याज सहित वापसी करने की मांगे शामिल हैं.

सरकार के आला अधिकारियों द्वारा उन नियमों को लागू नहीं करने से निराश कर्मचारियों ने राज्य व्यापी आंदोलन का आह्वान किया है. हड़ताल पर बैठे सिंगल विंडो ऑपरेटर एवं मल्टी परपस असिस्टेंट ने बताया कि हमारी संख्या 800 से अधिक है जो अपने पारिवारिक दायित्वों का निर्वहन नहीं कर पा रहे हैं. उनके भविष्य के लिए सरकार के तरफ से ठोस कदम उठाया जा रहा है. इन कर्मियों के हड़ताल पर जाने से डीआरसीसी में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना तथा कुशल युवा कार्यक्रम के लिए आवेदन एवं दस्तावेजों का सत्यापन कराने पहुंचे सैकड़ों की तादाद में बच्चे बैरंग वापस हो रहे हैं.

वहीं, बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के कार्यालय में शिक्षा ऋण के एकरारनामा नही हो पा रहा है. जिससे उच्चतर शिक्षा में अध्ययनरत छात्र छात्राओं के ऋण का पैसा कालेज में समय से नही जाने से छात्र छात्राओं को काफी परेशानी हो रही है. SWO/ MPA संघ के जिलाध्यक्ष मोहम्मद फरीद आलम, ने बताया कि सरकार यदि उनकी मांगे पूरी नही करती है तो वे सभी राज्यस्तरीय संघ के साथ अनिश्चितकालीन अनशन करने को बाध्य होंगे.

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