PATNA DESK – निगरानी विभाग की टीम ने एक थाना अध्यक्ष को घूस की रकम लेते हुए रंगे हाथ की रफ्तार किया है. मामला बिहार के औरंगाबाद जिले का है. पटना से पहुंची निगरानी टीम ने औरंगाबाद जिले के उपहारा थानाध्यक्ष आनंद कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया है. थानाध्यक्ष को उपहारा थाना क्षेत्र के हमीदनगर गांव निवासी सनोज कुमार से 20 हजार रुपये रिश्वत लेने के जुर्म में गिरफ्तार किया गया है. बताया जा रहा है कि एक लड़की के अपहरण मामले में प्राथमिकी से तीन आरोपितों का नाम हटाने के लिए थानाध्यक्ष रुपये ले रहे थे. दाउदनगर एसडीपीओ कुमार ऋषिराज ने बताया कि निगरानी टीम ने उपहारा थानाध्यक्ष को गिरफ्तार किया है. निगरानी टीम ने इसकी जानकारी औरंगाबाद पुलिस को नहीं दी है. निगरानी टीम थानाध्यक्ष को अरवल ले जाकर पूछताछ कर रही है.

पत्नी ने दिखाई चालाकी फिर भी पकड़ा गया थानेदार
थानेदार ने सनोज को थाने के समीप पैसे लेकर बुलाया था. सनोज से पैसे लेकर थानेदार जैसे ही अपने सरकारी आवास में गया, पीछे से विजिलेंस टीम के एक सदस्य कमरे में पहुंच गए. थानेदार की पत्नी को तुरंत शक हो गया और पत्नी ने तत्काल रुपये के बंडल को खिड़की से बाहर फेंक दिया और शोर मचाने लगी. शोर सुन सभी पुलिस वाले इकट्ठा हो गए. इससे पहले की बात और बढ़ती विजिलेंस टीम के अन्य सदस्य भी थाना परिसर में आ पहुंचे. परिचय के बाद मामला शांत हुआ. पुलिस टीम थानेदार को विजिलेंस के हवाले नहीं सौंप रही थी. काफी मशक्कत के बाद विजिलेंस ने थानेदार को अपनी गिरफ्त में लिया.

क्या है मामला
बताया जा रहा है कि औरंगाबाद के हमीद नगर निवासी नरेश चौधरी ने अपनी बेटी रेणु कुमारी के अपहरण का केस दर्ज कराया था, जिसमें गांव के ही एक ही परिवार के पांच लोगों को आरोपित बताया गया था. इनमें सत्यनारायण चौधरी, सनोज चौधरी, मनोज चौधरी के नाम शामिल हैं. केस से नाम हटाने के लिए सनोज चौधरी से थाना अध्यक्ष आनंद कुमार गुप्ता ने 20 हजार घूस मांगी थी. सनोज ने इसकी शिकायत विजिलेंस से की. जिसके बाद थानेदार को घूस लेते विजिलेंस की टीम ने आज दबोच लिया.

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