
CHHAPRA DESK – सारण जिले में आचार संहिता आदर्श आचार संहिता उल्लंघन मामले में लगातार कार्रवाई की जा रही है. दो दिनों के अंदर जिले में चार शिक्षकों पर गाज गिरी है. जिनके निलंबन की कार्रवाई के साथ ही प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है. इस बात की जानकारी देते हुए सारण जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी अमन समीर ने बताया कि विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के मामले में सारण जिले के चार शिक्षकों पर कार्रवाई की गई है. पहली कार्रवाई छपरा शहर स्थित राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की विशिष्ट शिक्षिका प्रियंका कुमारी के विरूद्ध प्राप्त परिवाद की जांच में पाया गया कि एक मीडिया हाउस द्वारा आयोजित “कौन बनेगा मुख्यमंत्री” कार्यक्रम में उनके द्वारा भाग लिया गया. उनका यह कृत्य आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के श्रेणी में आता है. ज्ञातव्य है कि सरकारी/मानदेय कर्मी के रूप में चुनाव में अनुचित प्रभाव डालना तथा किसी अभ्यर्थी के पक्ष में अपना विचार रखना आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है.

इस कृत्य के लिए शिक्षिका प्रियंका कुमारी के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज की गयी है. जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है तथा विभागीय कार्रवाई का संचालन शुरू किया गया है. वहीं, दूसरी कार्रवाई भी छपरा शहर के रतनपुरा स्थित मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुरेंद्र कुमार सिंह पर की गई है. जिनके विरूद्ध प्राप्त परिवाद की जांच में पाया गया कि एक मीडिया हाउस द्वारा विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ आयोजित “कौन बनेगा मुख्यमंत्री” कार्यक्रम में उनके द्वारा भाग लिया गया. उनका यह कृत्य आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के श्रेणी में आता है. ज्ञातव्य है कि सरकारी/मानदेय कर्मी के रूप में चुनाव में अनुचित प्रभाव डालना तथा किसी अभ्यर्थी के पक्ष में अपना विचार रखना आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है.

इस कृत्य के लिए प्रधानाध्यापक सुरेंद्र कुमार सिंह के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज की गयी है. जिला शिक्षा पदाधिकारी, सारण, द्वारा उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है तथा विभागीय कार्रवाई का संचालन शुरू किया गया है.
वहीं, तीसरी कार्रवाई नवसृजित प्राथमिक विद्यालय, धेनुकी, देवरिया, जलालपुर के पंचायत शिक्षक चन्द्रमोहन कुमार सिंह के विरूद्ध प्राप्त परिवाद की जांच में पाया गया कि उनके द्वारा राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होकर एक खास प्रत्याशी के पक्ष में वोट देने की अपील की गई है. उनका यह कृत्य आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के श्रेणी में आता है. ज्ञातव्य है कि सरकारी/मानदेय कर्मी के रूप में चुनाव में अनुचित प्रभाव डालना तथा किसी अभ्यर्थी के पक्ष में अपना विचार रखना आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है.

इस कृत्य के लिए शिक्षक चन्द्रमोहन कुमार सिंह के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज की गयी है. जिला शिक्षा पदाधिकारी, सारण, द्वारा संबंधित पंचायत के नियोजन प्राधिकार – प्रखंड विकास पदाधिकारी जलालपुर एवं पंचायत सचिव, देवरिया जलालपुर को निलंबित कर उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के संचालन का निर्देश दिया गया है. जबकि, चौथी कार्रवाई बीते दिन जिले के मशरक प्रखंड अंतर्गत घोघिया उत्तर टोला स्थित प्राथमिक विद्यालय के विशिष्ट शिक्षक धर्मेन्द्र कुमार के खिलाफ की गई है. उनको तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. वहीं उनके उपर विभागीय कार्रवाई का संचालन शुरू कर दिया गया है. इस मामले में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि हर सरकारी कर्मी निष्पक्ष रहें और निष्पक्ष दिखें भी. इसका अनुपालन नहीं करने वालों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई होगी.

उन्होंने बताया कि सहायक निर्वाचन पदाधिकारी-सह अंचलाधिकारी मशरक द्वारा धर्मन्द्र कुमार विशिष्ट शिक्षक प्राथमिक विद्यालय घोघिया उत्तर टोला अंचल- मशरक सह बी०एल०ओ० के विरुद्ध राजनीतिक पार्टी की जनसभा में भाग लेने से संबंधित विडियो तथा फोटो प्राप्त हुआ है. जिसके आधार पर मशरक थाना कांड 1/2025 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराया गया है. उन्होंने बताया कि धर्मेन्द्र कुमार, विशिष्ट शिक्षक के राजनीतिक पार्टी की जनसभा में शामिल होना या राजनीतिक कार्यकलाप में भाग लेना आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है तथा सरकारी सेवक के आचरण के प्रतिकूल है. उनका यह कृत्य सरकारी सेवक के कार्यशैली के अनुरूप नहीं है. उक्त परिपेक्ष्य में जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा धर्मेन्द्र कुमार सिंह, विशिष्ट शिक्षक, प्राथमिक विद्यालय घोघिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय कार्रवाई संचालित करने का आदेश जारी किया गया है.

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