घूस का घनचक्कर : सरकार ने ₹60 हजार में गरीब के लिए खरीदी जमीन पर घूस न देने पर नहीं मिला आवास योजना का लाभ ; काट दिया गया आवास योजना से नाम

CHHAPRA DESK – भूमिहीन गरीब एक ग्रामीण को घर बनाने के लिए सरकार ने 60 हजार रूपये देकर जमीन खरीदा और जब घर बनाने के लिए सूची में नाम आया तो फर्जी ग्राम सभा का आयोजन कर नाम ही हटा दिया गया. मामला रसूलपुर थाने की नवादा पंचायत से जुड़ा है. बीपीएल व अल्पसंख्यक परिवार से जुड़े नवादा गांव के हबीब मियां को सरकार ने जमीन खरीदा पर जब बनाने का समय आया तो  उनका नाम ही लाभुकों की सूची से गायब कर दिया.

यहां के बीडीसी प्रतिनिधि व समाजसेवी पंकज सिंह ने बताया कि एक नहीं बल्कि उनके पंचायत के करीब आधा दर्जन लोगों का नाम विलोपित कर पीएम आवास योजना के लाभ से वंचित कर दिया गया है. इस संबंध में पीड़ित लाभुकों ने बीडीओ,डीएम से लेकर पीएमओ तक अपनी गुहार लगाई है और वर्तमान वित्तीय वर्ष में ही नाम जुड़वाने का आग्रह किया है. नवादा गांव के 80 वर्षीय निर्धन दीनानाथ सिंह कहते हैं कि पक्के मकान का सपना संजोये उनकी पत्नी स्वर्ग सिधार गई अब लगता है. उम्र के इस पड़ाव में उन्हें भी कर्कटनुमा घर से ही अर्थी उठेगी.


2019 में एक फर्जी ग्राम सभा का आयोजन दिखा

वृद्ध दीनानाथ ने डीएम बीडीओ को दिये शिकायती आवेदन में कहा है कि 2016-17 में ही पीएम आईडी 3664866 नंबर के तहत उनका आवास लाभुकों में नाम आ गया था पर 2019 में एक फर्जी ग्राम सभा का आयोजन दिखा. उनका नाम विलोपित कर दिया गया. तत्कालीन व वर्तमान मुखिया गणेश साह कहते हैं कि फर्जी ग्राम सभा के दौरान उनका फर्जी हस्ताक्षर दिखाया गया है. इसके लिए वे वरीय अधिकारियों से मार्गदर्शन लेकर तत्कालीन आवास सहायक पर एफआईआर दर्ज कराने की योजना पर काम कर रहे हैं.

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