साइबर कैफे में चल रहा फर्जी आधार कार्ड का खेल ; ₹300 में बना लेकिन जांच में हो गया फेल

साइबर कैफे में चल रहा फर्जी आधार कार्ड का खेल ; ₹300 में बना लेकिन जांच में हो गया फेल

CHHAPRA DESK –  छपरा में फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाए जाने का गोरख धंधा जोर शोर से चल रहा है. जिसमें साइबर कैफे वालों की संलिप्तता सामने आ रही है. इससे पूर्व गांव-गांव में घूमकर कैंप लगाकर सैकड़ों लोगों को चूना लगा चुके साइबर कैफे वालों की पोल खुली तो कैंप तो बंद हो गया लेकिन चोरी छुपे साइबर कैफे में इसका गोरखधंधा आज भी चल रहा है. लेकिन, अब कीमत ₹50 की जगह ₹300 वसूली जा रही है.

आयुष्मान कार्ड पर ₹5 लाख की चिकित्सा सुविधा के लालच में गरीबों व भोले-भाले लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं. हालांकि छपरा सदर अस्पताल में आयुष्मान योजना का कार्यालय खुला हुआ है. जहां वैसे व्यक्तियों का निशुल्क आयुष्मान कार्ड बनाए जाता है जिनका नाम आयुष्मान योजना के तहत सरकार के द्वारा चयनित किया गया है. लेकिन आज भी अनेक लोग साइबर कैफे को ₹300 देकर आयुष्मान कार्ड बनवा रहे हैं, जो कि पूरी तरह फर्जी है.

इसका खुलासा छपरा सदर अस्पताल स्थित आयुष्मान भारत कार्यालय पर हो रहा है और ऐसे दो-चार मामले प्रतिदिन छपरा सदर अस्पताल में आ रहे हैं. बीते दिन जहां एक व्यक्ति स्वयं अपना आयुष्मान कार्ड लेकर इलाज करवाने के लिए आया था. जांच में पाया गया कि वह फर्जी है तो वह व्यक्ति अस्पताल कर्मियों को धक्का देकर वहां से भाग निकला. आज भी ऐसा ही एक मामला सामने आया लेकिन कोई दूसरा व्यक्ति मोबाइल पर रामेश्वर शर्मा के नाम से जारी आयुष्मान कार्ड की जांच कराने आया था.

जांच के दौरान पाया गया कि वह आयुष्मान कार्ड राशन कार्ड व आधार कार्ड से मैच नहीं कर रहा था. जिसके बाद जब हलचल न्यूज ने इसकी पूछताछ की तो उस युवक ने रामेश्वर शर्मा को फोन लगाया तो उनके द्वारा बताया गया कि साइबर कैफे से उनके द्वारा आयुष्मान कार्ड बनवाया गया है. जब उसे जानकारी मिली कि वह फर्जी है तो उसने बोला कि वह साइबर कैफे वाले से बात करता है. जिसके बाद वह युवक भी अस्पताल से निकल गया.

उधर आयुष्मान भारत के काउंटर पर मौजूद कर्मी धर्मेंद्र कुमार ने हलचल न्यूज को बताया कि प्रतिदिन फर्जी आयुष्मान कार्ड के दो-चार मामले सामने आ रहे हैं. कई लोग आयुष्मान कार्ड बनवाने के बाद उसकी जांच करवाने आ रहे हैं तो जांच के बाद उन्हें बताया जा रहा है कि यह आसमान कार्ड फर्जी है. इस बाबत फर्जीवाड़े की शिकायत करने की बात पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि उनका काम आयुष्मान कार्ड बनाना और जांच करना है. बीते दिन उनके द्वारा इस बात की शिकायत करने की बात कही गई तो वह व्यक्ति उन्हें धक्का देकर भाग निकला था.

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