CHHAPRA DESK – कृष्ण-सुदामा की दोस्ती के बाद दोस्ती की गला घोंटने, दोस्त के पीठ में छुरा भोंकने और दोस्त का कत्ल करने के अनेकों मामले आपने देखे, सुने और पढ़े होंगे लेकिन ऐसे दोस्त बिरले ही मिलते हैं जो कि दोस्ती के लिए जान देने को तैयार रहते हैं और दे देते हैं. जिनकी बदौलत दोस्ती अमर मानी जाती है. आज ऐसा ही एक मामला सारण जिले के मांझी थाना अंतर्गत शमशान घाट पर देखने को मिला. जहां मृत्यु सैया पर अपने मित्र को लेटे देखकर उसका मित्र दारा चौधरी शव से लिपटकर विलाप करते हुए साथ मरने को तैयार हो गया.

जिसके बाद शव यात्रा में मौजूद परिवार वालों और लोगों ने किसी तरह मुश्किल से उसे मृत मित्र से अलग कर मुखाग्नि की प्रक्रिया शुरू किया. इतनी देर में वह मित्र बोला कि उसका दोस्त दुनिया से जा रहा है. ऐसी स्थिति में वह जिंदा रहकर क्या करेगा. वह भी उसके साथ मरना चाहता है. इतना कह कर उसने दौड़कर नदी में चलांग लगा दिया. यह देखकर स्थानीय नविको एवं शव यात्रा में शामिल लोगों ने किसी तरह जाल की मदद से उसे नदी से छानकर बाहर निकाला और उसे किसी तरह घर पहुंचाकर कमरे में बंद किया गया. लेकिन वह दोस्त के साथ मरने की रट लगाये हुए था.

विदित हो कि मांझी थाना क्षेत्र के गोढा गांव निवासी स्वर्गीय चंद्रदेव शर्मा का 33 वर्षीय पुत्र गैराज संचालक सर्वजीत शर्मा की मौत बीती रात्रि सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद आज छपरा सदर अस्पताल में उपचार के दौरान हो गई. बताया जाता है कि दारा चौधरी के साथ उसकी बहुत अच्छी मित्रता थी. दोनों के दोस्ती की दुहाई दी जाती थी. सर्वजीत शर्मा बीती रात्रि मांझी-एकमा मार्ग पर दाउदपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बरेजा गांव के समीप किसी अनियंत्रित कर की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे.

उनके मौत की सूचना के बाद उनका दोस्त दारा चौधरी अपना सुध-बुध खो बैठा और दोस्त के साथ मौत को गले लगाने के लिए अंततः नदी में कूद बैठा, लेकिन उसे बचा लिया गया. दोस्ती की इस मिसाल को देखकर श्मशान घाट पर मौजूद सभी की आंखें नम हो गई. मौके पर मांझी नगर पंचायत के मुख्य पार्षद प्रतिनिधि विट्टू यादव व उप मुख्य पार्षद पति कृष्णा सिंह पहलवान समेत सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे.

![]()

