CHHAPRA DESK- बीती देर रात सोनपुर अनुमंडलीय अस्पताल का सूबे के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव द्वारा औचक निरीक्षण किए जाने के बाद अस्पताल में काफी अनियमितता पाई गई थी. जिसके आलोक में सोनपुर अनुमंडल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डाॅक्टर हरिशंकर चौधरी एवं अस्पताल प्रबंधक मृत्युंजय पांडे पर गाज गिरना तय है. हालांकि समाचार प्रेषण तक प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई का कोई आदेश जिले को प्राप्त नहीं हुआ है. लेकिन ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि उन पर गाज गिरना ही है. क्योंकि उक्त प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से दो बार शोकाॅज करते हुए उनसे स्पष्टीकरण का मांग किया जा चुका था.

बावजूद इसके अनुमंडल अस्पताल से लापरवाही सामने आई है और वह भी सूबे के उपमुख्यमंत्री के औचक निरीक्षण के दौरान. जहां, पूरे अनुमंडल अस्पताल में रात्रि कालीन ड्यूटी में एक चिकित्सक पाए गए. वहीं ड्यूटी पर मौजूद गार्ड बेसुध सोया पड़ा हुआ था. वहीं, अनेक वार्ड अंधेरे में डूबे हुए थे. उक्त अनुमंडल अस्पताल में अनियमिता को लेकर अब ऐसा भी कयास लगाया जा रहा है कि सारण सिविल सर्जन डॉक्टर सागर दुलाल सिन्हा पर भी कार्रवाई हो सकती है. और नहीं तो स्पष्टीकरण तो मांगा ही जाना है. फिलहाल स्वास्थ्य विभाग के अपर सचिव या राज्य स्वास्थ्य समिति से ऐसा कोई आदेश जिले को प्राप्त नहीं हो सका है.

विदित हो कि बीती देर रात्रि सूबे के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के द्वारा अचानक ही सोनपुर अनुमंडल अस्पताल का औचक निरीक्षण किया गया. रात्रि में अचानक निरीक्षण करने पहुंचे तेजस्वी यादव को देखकर अस्पताल कर्मियों में हड़कंप मच गया. उस दौरान उन्होंने सोए हुए गार्ड को जगाया और पूछा कि तुम सो रहे हो इस स्थिति में अगर कोई यहां घुस गया तब तुम क्या करोगे. तब गार्ड निरुत्तर हो गया. तेजस्वी आगे बढ़े और उन्होंने एक ऑपरेशन कराए हुए मरीज से उसका हाल जाना और पूछा की ऑपरेशन का कोई रुपया नहीं देना पड़ा है. तब मरीज ने उन्हें बताया की ₹2000 देना पड़ा है. इसके बाद साथ चल रहे डॉक्टर से इस संदर्भ में पूछताछ की. उन्हें बताया गया कि यहां एनेस्थीसिया का डॉक्टर नहीं है. इसके लिए डॉक्टर को बाहर से बुलाया जाता है.

हर्निया के ऑपरेशन में जो जाली लगता है वह भी बाजार से खरीद कर आता है. उस दौरान तेजस्वी यादव ने बंद एक्स-रे रूम देखकर भी सवाल पूछा. उन्हें बताया गया कि एक्स-रे रूम रात्रि 8:00 के बाद बंद हो जाता है. वहीं निरीक्षण के दौरान महिला डॉक्टर को उन्होंने ड्यूटी से अनुपस्थित पाया. वहीं अनुमंडलीय चिकित्सालय के बाथरूम और साफ सफाई की स्थिति को देखकर भड़क गये. उन्होंने साथ चल रहे अस्पताल कर्मियों को अविलंब साफ-सफाई और स्वच्छता का आदेश दिया. वहीं चिकित्सक व महिला चिकित्सक को अनुपस्थित पाए जाने को लेकर उन्होंने सारण सिविल सर्जन से फोन पर बात की और उन्हें पटना आने का आदेश दिया.

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