संदिग्ध कैलिफोर्नियम की जांच के लिए मुंबई से आई भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र की टीम

संदिग्ध कैलिफोर्नियम की जांच के लिए मुंबई से आई भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र की टीम

GOPALGANJ DESK –   बिहार के गोपालगंज जिले में संदिग्ध कैलिफोर्नियम मिलने के बाद मुंबई से आई भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र की टीम ने गोपालगंज पहुंचकर कैलिफोर्नियम की जांच की है. टीम के 3 सदस्यों ने संदिग्ध कैलिफोर्नियम की जांच की है. एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि टीम ने जांच के दौरान सैंपल में किसी तरह की रेडियो सक्रियता नहीं पाई है. ये रेडियोएक्टिव मटेरियल है या नहीं, ये पूरी तरह से जांच के बाद ही क्लियर हो पाएगा. फिलहाल टीम वापस लौट गई है. वहीं संदिग्ध कैलिफोर्नियम के साथ गिरफ्तार तस्करों ने दावा किया है कि ये असली है. उन्होंने पुलिस की पूछताछ में बताया कि संदिग्ध रेडियोएक्टिव मटेरियल को यूपी के कुशीनगर से सिवान ले जाया जा रहा था, जहां सीवान जेल में बंद एक अपराधी के माध्यम से इसकी बिक्री की जानी थी.

कोर्ट के आदेश के बाद सैंपल भेजा जाएगा मुंबई

इस मामले में गोपालगंज नगर थानाध्यक्ष सुनील कुमार के अनुसार संदिग्ध मटेरियल की जांच के लिए मुंबई से आई भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर की टीम वापस चली गई है. पुलिस सूत्रों के अनुसार टीम अपने साथ मटेरियल का सैंपल नहीं ले गई है, क्योंकि इसके लिए जरूरी कानूनी प्रक्रिया (कोर्ट से परमिशन लेना) नहीं की जा सकी है. कोर्ट के आदेश के बाद सैंपल को अतिरिक्त जांच के लिए मुंबई भेजा जाएगा. हालांकि अभी यह नहीं कह सकते कि बरामद मटेरियल कैलिफोर्नियम है या नहीं, क्योंकि मुंबई से आई टीम ने बस ये जानकारी दी है कि मटेरियल में रेडियो एक्टिविटी नहीं है.

सिवान में बेचने की थी तैयारी

पुलिस की पूछताछ में छोटे लाल प्रसाद ने बताया कि इस रेडियोएक्टिव पदार्थ को बेचने के लिए तीनों सीवान जा रहे थे. इसी दौरान बलथरी चेकपोस्ट पर पुलिस की टीम ने तीनों को दबोच लिया. इस मामले पुलिस खजांची प्रसाद को भी नामजद आरोपी बनाते हुए छानबीन कर रही है. इस मामले में गोपालगंज पुलिस गुजरात पुलिस के अलावा उत्तर प्रदेश की पुलिस के भी संपर्क में है.

तस्करों का दावा असली है कैलिफोर्नियम

तस्करों ने पुलिस को बताया है कि यह पदार्थ कैलिफोर्नियम है। तस्करों के पास से इससे जुड़ा सर्टिफिकेट भी बरामद हुआ था। जिसे आधार बनाकर पुलिस उसे कैलिफोर्नियम मान कर ही जांच में जुट गई थी। हालांकि IIT मद्रास से जारी सर्टिफिकेट में जिस प्रोफेसर का नाम है, उनसे पुलिस ने संपर्क किया तो उन्होंने उसे फेक बताया है. विदित हो कि दो दिन पहले कुचायकोट थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने 50 ग्राम संदिग्ध रेडियोएक्टिव पदार्थ कैलिफोर्मियम जब्त किया था. उस दौरान तीन तस्करो को गिरफ्तार किया गया था.

 

गिरफ्तार मुख्य तस्कर उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिला के तमकुही राज निवासी छोटेलाल प्रसाद है. जबकि गिरफ्तार चंदन गुप्ता और चंदन राम दोनों लाइनर है. जिसमें चंदन गुप्ता कौशल्या वार्ड नंबर 22 का निवासी है जबकि चंदन राम मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के कुशहर मठिया का रहने वाला है. इस मामले में एसपी ने बताया कि इसकी सत्यता के लिए डिपार्मेंट आफ एटॉमिक एनर्जी से संपर्क साधा जा रहा है. वहीं एफएसएल की विशेष टीम को भी पदार्थ की जांच के लिए बुलाया गया है. इसके अलावा इसके तस्करी, हैंडलिंग और इससे जुड़े विंग को भी खंगाला जा रहा है.

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