CHHAPRA DESK – कोलकाता के आरजी कार मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर मौमिता देवनाथ के साथ रेप व मर्डर के बाद पूरे देश में चिकित्सकों का विरोध जारी है. आज इस विरोध को लेकर चिकित्सकों ने छपरा सदर अस्पताल की ओपीडी सेवा को पूरी तरह ठप्प कर दिया और ओपीडी के बाहर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया. इस मौके पर मांझी के विधायक डॉक्टर सत्येंद्र यादव भी चिकित्सकों में के समर्थन में खुलकर आगे आए. उन्होंने कहा कि देश में ऐसी घटना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है और इस विरोध में वह भी पूरी तरह शामिल है.

वह सरकार से मांग करते हैं कि उन दुष्कर्मियों और हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी कर कर उन्हें फांसी के फंदे तक पहुंचाया जाए. बता दें कि बीती रात उस दर्दनाक घटना के बाद इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के बैनर तले चिकित्सकों ने कैंडल मार्च निकालकर विरोध प्रकट किया था. विरोध प्रकट करने वालों में डॉ हरेंद्र प्रसाद, डॉक्टर सुभाष कुमार, डॉक्टर नवनीत कुमार, डॉक्टर तौसीफुल हक, डॉक्टर अमन कुमार, डॉ पंकज कुमार, डॉ संदीप कुमार यादव, डॉ मयंक कुमार, डॉ अमृत कृष्णा, डॉ सुरेंद्र महतो, डॉ धनंजय कुमार, डॉ पुष्पा, डॉ निशा डॉक्टर सीमा कुमारी, डॉक्टर अखिलेश कुमार, अस्पताल प्रबंधक राजेश्वर प्रसाद, लेखपाल बंटी कुमार रजक के साथ अस्पताल कर्मी व पैरामेडिकल कॉलेज की छात्र-छात्राएं शामिल रहे.

सैकड़ो मरीज बिना उपचार लौटे वापस
बता दें कि कोलकाता के उक्त मेडिकल कॉलेज में ड्यूटी के दौरान उस महिला चिकित्सक के साथ दुष्कर्म किए जाने के बाद उसकी नृशंस हत्या कर दी गई थी. उसका शव अर्धनग्न अवस्था में बरामद किया गया था. इस घटना के बाद पूरे देश में चिकित्सकों का आक्रोश देखने को मिल रहा है. इस विरोध के परिणाम स्वरूप आज छपरा सदर अस्पताल की ओपीडी सेवा को पूरी तरह बंद कर दिया गया. जिसके कारण मरीज उपचार के लिए अस्पताल तो पहुंचे लेकिन उन्हें बिना उपचार ही वापस होना पड़ा. क्योंकि, सुबह से ओपीडी सेवा बंद होने के कारण कोई चिकित्सक अपने चेंबर में नहीं बैठे और डीएस कार्यालय में मीटिंग के बाद ओपीडी के सामने उनके द्वारा शांतिपूर्ण प्रदर्शन भी किया गया. फल स्वरुप ओपीडी पहुंचने वाले सैकड़ो मरीज बिना उपचार के ही वापस लौटे.

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