संवाद सम्मान कार्यक्रम के दौरान छाया रहा शहर के प्रभुनाथ नगर मोहल्ला में जल जामव की समस्या ; डॉ बीएनपी सिंह को किया गया सम्मानित

संवाद सम्मान कार्यक्रम के दौरान छाया रहा शहर के प्रभुनाथ नगर मोहल्ला में जल जामव की समस्या ; डॉ बीएनपी सिंह को किया गया सम्मानित

CHHAPRA DESK –  छपरा शहर के प्रभुनाथ नगर, सांढ़ा कॉलोनी, नेवाजी टोला, हेमनगर आदि मोहल्ले के निवासियों द्वारा नगर के जल जमाव की समस्या तथा अन्य समस्याओं पर केंद्रित संवाद और सम्मान का कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम के दौरान वेटरंस फोरम के सचिव डॉ बी एन पी सिंह को एनजीटी के मार्फत जल जमाव की समस्या को निदान करने के प्रयास के लिए अंग वस्त्र और माल्यार्पण कर सम्मानित भी किया गया.मुख्य अतिथि डॉक्टर बीएनपी सिंह ने कहा कि वह नगर निगम के विस्तार के लिए इसमें आसपास के पंचायतों को शामिल करने के लिए प्रयासरत हैं और इसके लिए उन्होंने उच्च न्यायालय में वाद भी दायर किया है. उन्होंने कहा कि प्रभुनाथ नगर की दो बड़ी मुख्य समस्याएं जल जमाव और कूड़े के संग्रहण और निस्तारण है.

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इन दोनों के निदान के लिए वह प्रयासरत हैं. उन्होंने कहा कि नए वर्ष में मढ़ौरा चीनी मिल तो चालू करने के लिए वे संवाद और अभियान आरंभ करेंगे और आवश्यकता हुई तो नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल में वाद दायर कर इसके पुनर्स्थापन का प्रयास करेंगे. उन्होंने कहा कि इसके लिए भी रोड मैप तैयार है और जनवरी माह एक वृहद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. आज तक मैं हारा नहीं हूं. इस काम में भी जीतेंगे. उन्होंने उपस्थित जन समूह को आश्वस्त किया.सभा के उद्देश्यों को प्रतिपादित करते हुए प्रोफेसर पृथ्वीराज सिंह ने कहा कि हम एक ऐसे समाज में परिवर्तित हो गए हैं जहां निकट के पड़ोसी भी अपनी साझा समस्याओं के समाधान के लिए मिल बैठकर संवाद स्थापित करने में हिचकने लगे हैं.

उन्होंने कहा कि वर्ष 1989 में वे अपने बच्चों की शिक्षा के लिए प्रभुनाथनगर में निवास करने आए. तब से लेकर अभी तक लगातार 35 वर्षों तक प्रभुनाथ नगर की सड़कों पर चार-पांच महीने बरसात का पानी जमा रहता है. इस समस्या को लेकर वेटरंस फोरम ने वर्ष 2021 में माननीय ग्रीन ट्रिब्यूनल में मूलवाद संख्या 166 दायर किया था. ट्रिब्यूनल के आदेश के बाद भी जब प्रशासन द्वारा इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो पुनः वर्ष 2024 के जनवरी महीने में अनुपालन वाद दायर किया गया. ग्रीन ट्रिब्यूनल के कड़े रूख को देखते हुए अब प्रशासन की चेतना जगी तो नाले के निर्माण का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है.

इस निर्माण की निर्मात्री एजेंसी बुडको है. इसके अधीन 386 करोड रुपए मुक्त किए गए हैं और प्रभुनाथ नगर की सभी आंतरिक सड़कों के दोनों तरफ नाले बनाए जाएंगे जिनकी कुल लंबाई 14.3 किलोमीटर होगी. वह शहर के निवासियों अपनी समस्याओं के निदान के लिए और उसके सफलतापूर्वक संपन्नता के लिए निरंतर संवाद करते रहने की आवश्यकता होगी. इसी कड़ी में यह संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया है.सभा की अध्यक्षता पूर्व प्राचार्य प्रोफेसर मृदुल शरण द्वारा की गई. उन्होंने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि इस तरह का संवाद नियमित अंतरालों पर किया जाना चाहिए.

नागरिक अधिकारों को प्राप्त करने के लिए जब भी आमजन को उनकी आवश्यकता होगी वह उपस्थित रहेंगे. संवाद कार्यक्रम में नेवाजी टोला के तेज नारायण सिंह, सांढ़ा के राजू सिंह, शक्ति नगर के डॉ पार्थसारथी, युवा नेता अजीत कुमार सिंह, मुखिया प्रतिनिधि अजीत सिंह आदि भी शामिल हुए. संवाद सभा का संचालन वरिष्ठ पत्रकार शिवानुग्रह नारायण सिंह द्वारा किया गया और उन्होंने पार्कों के स्थानों को विकसित किए जाने की भी मांग की.

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