CHHAPRA DESK – बिहार में शराबबंदी की पोल प्राय: खुलती रहती है और जहरीली शराब के मामले भी सामने आते रहे हैं. पुनः ऐसा ही कुछ मामला सारण जिले के मकेर थाना क्षेत्र के जगदीशपुर गांव से सामने आया है. जहां, मंगलवार की देर शाम जहरीली शराब पीने से एक युवक की आंखों की रोशनी कम होने का मामला प्रकाश में आया है. बीमार युवक की पहचान जगदीशपुर निवासी स्व जय किशुन महतो के 36 वर्षीय पुत्र रमेश महतो के रूप में हुई है. परिजनों के अनुसार, रमेश महतो ने मंगलवार की देर शाम गांव में किसी शराब तस्कर से शराब खरीदी और उसका सेवन किया. देर रात करीब 11 बजे उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी. हालत गंभीर होने पर पत्नी और परिवार के अन्य सदस्य उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मकेर लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सा प्रभारी डॉ गोपाल कृष्ण प्रसाद ने प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए छपरा सदर अस्पताल रेफर कर दिया. जिसके बाद वह देर रात 12:45 पर सदर अस्पताल में उपचार के लिए उपस्थित हुआ था. वहां से उसे बेहतर चिकित्सा के लिए अन्यत्र ले जाया गया है.
चिकित्सों ने क्या कहा ?
इस मामले में मकेर चिकित्सा प्रभारी डॉ गोपाल कृष्ण प्रसाद ने बताया कि जांच के दौरान मरीज ने खुद स्वीकार किया कि उसने शराब पी थी. जिसके बाद उसकी आंखों की रोशनी धुंधली होने लगी. लक्षणों से भी साफ था कि उसे कम दिखाई दे रहा था. वहीं सदर अस्पताल में रात्रि ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर धनंजय कुमार के द्वारा बताया गया कि एक शराबी मरीज को सदर अस्पताल लाया गया था, जहां उसके आंखों से बिल्कुल ही कम दिखाई नहीं दे रहा था.
पुलिस हरकत में पर उत्पाद विभाग के संज्ञान में नहीं
घटना की जानकारी मिलते ही बुधवार को मकेर थानाध्यक्ष राम निवास कुमार पुलिस बल के साथ जगदीशपुर गांव पहुंचे और पीड़ित की पत्नी से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी ली. इस मामले में थानाध्यक्ष ने बताया कि शराब तस्करों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है.
क्या कहता है जिला प्रशासन
इस मामले में मद्य निषेध विभाग के सहायक आयुक्त केशव झा का कहना है कि इस तरह का मामला उनके संज्ञान में
नहीं आया है पता कराकर जांच कराते हैं. इस विषय पर बयान के लिए जब ग्रामीण एसपी संजय कुमार को दो बार फोन किया गया तो उनके द्वारा फोन नहीं उठाया गया. जिसके कारण उनका बयान प्राप्त नहीं हो सका है.