CHHAPRA DESK – छपरा में नमामि गंगे परियोजना में तैनात सुरक्षा गार्डों का एक अमानवीय चेहरा सामने आया है. रॉड चोरी के संदेह में एक नाबालिग बच्चे के साथ कथित रूप से की गई बेरहमी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. यह घटना नगरपालिका चौक के पास की बताई जा रही है, जहां गार्डों पर आरोप है कि उन्होंने बच्चे को सरेआम घसीटते हुए अपने कैंप स्थल तक ले गए और रास्ते में उसके साथ मारपीट की. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के समय सड़क पर काफी संख्या में लोग मौजूद थे, लेकिन कोई भी हस्तक्षेप करने आगे नहीं आया. लोग तमाशबीन बने रहे और नाबालिग की पिटाई होती रही. पूरी घटना किसी ने अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर ली, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी है.

वीडियो सामने आने के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है. वीडियो में गार्डों की क्रूरता साफ तौर पर देखी जा सकती है, जिसे देखकर लोगों के रोंगटे खड़े हो जा रहे हैं. गार्डों का दावा है कि नाबालिग बच्चा नमामि गंगे परियोजना स्थल से लोहे की रॉड चोरी कर रहा था, इसी कारण उसे पकड़ा गया. वहीं नाबालिग बच्चे ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि उसने कोई चोरी नहीं की. बच्चे का आरोप है कि गार्डों ने बिना किसी ठोस वजह के उसे जबरन पकड़ा, घसीटा और पीटा.

बच्चे के शरीर पर चोट के निशान होने की भी बात कही जा रही है. इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या किसी सुरक्षा गार्ड को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार है? क्या चोरी के संदेह मात्र में किसी नाबालिग के साथ मारपीट और सार्वजनिक रूप से अपमान करना जायज़ है? अगर वास्तव में चोरी का शक था, तो गार्डों ने पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी? कानून के जानकारों का कहना है कि किसी भी स्थिति में नाबालिग के साथ इस तरह का व्यवहार कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है.

वायरल वीडियो के संबंध में नगर थाना अध्यक्ष ने बताया कि उन्हें मीडिया के माध्यम से एक वीडियो प्राप्त हुआ है, जिसमें एक गार्ड बच्चों को घसीटते हुए ले जाता दिखाई दे रहा है. फिलहाल वीडियो के आधार पर घटना और संबंधित व्यक्तियों की पहचान की जा रही है. जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे.
इस घटना ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था और मानवीय संवेदनाओं पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. अब देखना यह होगा कि जांच के बाद प्रशासन क्या कार्रवाई करता है और पीड़ित नाबालिग को न्याय मिल पाता है या नहीं.

![]()

