CHHAPRA DESK – छपरा सदर अस्पताल स्थित पारा-मेडिकल संस्थान के छात्रों ने प्रभारी प्राचार्य के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए सिविल सर्जन डॉ राज कुमार चौधरी को सामूहिक रूप से शिकायत सौंपी है. छात्रों का कहना है कि प्रभारी प्राचार्य डॉ जितेन्द्र के कार्यकाल मे संस्थान की शैक्षणिक व्यवस्था पूरी तरह खराब हो चुकी है और प्राचार्य की तानाशाही कार्यशैली के कारण वे लगातार मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं. वहीं छात्रों ने बताया कि प्रभारी प्राचार्य द्वारा अक्सर गाली-गलौज और अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है.

बात-बात पर छात्रों को अपमानित किया जाता है, जिससे उनका मनोबल टूट रहा है. वहीं परीक्षा के दौरान वाइवा और प्रैक्टिकल में फेल कर देने की धमकी देकर दबाव बनाया जाता है. छात्रों ने आरोप लगाया कि उनके भविष्य और चरित्र प्रमाण पत्र खराब करने की भी धमकी दी जाती है, जिससे वे भय के माहौल में पढ़ाई करने को मजबूर हैं. वहीं, इसके अलावा संस्थान में पक्षपात का आरोप भी लगाया गया है.

छात्रों का कहना है कि योग्यता की जगह व्यक्तिगत पसंद-नापसंद के आधार पर निर्णय लिए जा रहे हैं. इतना ही नहीं, वार्डन के माध्यम से छात्रों के मोबाइल फोन की तलाशी ली जाती है. छात्रों ने बताया कि इस संबंध में पहले भी विभागीय अधिकारियों को शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. इससे छात्रों में आक्रोश है. उस दौरान दर्जनों छात्र मौजूद रहे.

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