
CHHAPRA DESK – दो दिनों तक सदर अस्पताल में भर्ती रहने और अंततः मौत होने के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम सदर अस्पताल में कराए जाने के बाद सुरक्षित रखा. इस खबर एवं उस किशोरी के फोटो को हलचल ने प्रमुखता से प्रकाशित किया. लेकिन परिजनों ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दिया और पहचान से इनकार कर दिया. अंततः खबर के कुछ घंटे बाद चर्चा तेज हुई और उसके परिजन एवं पड़ोसी शव लेने के लिए सदर अस्पताल पहुंचे. उक्त किशोरी की पहचान मढौरा थाना क्षेत्र के शिल्हौड़ी गांव निवासी प्रमोद राय की 15 वर्षीय पुत्री संदेशा कुमारी के रूप में की गई. परिजन और उनके पड़ोसी बुझे मन से ही पोस्टमार्टम कक्ष पहुंचे और फिर पुलिस के द्वारा शव उनके परिजनों को सुपुर्द किया गया.

शव लेने पहुंचे परिजन कुछ भी कहने से इनकार किये. नाराजगी परिजनों के चेहरे पर साफ झलक रही थी. विदित हो कि 18 फरवरी की संध्या जिले के मढौरा थाना अंतर्गत मढौरा रेलवे स्टेशन के समीप पाटलिपुत्र एक्सप्रेस ट्रेन के सामने कूदकर इस किशोरी ने जान देने का प्रयास किया था. ट्रेन के झटके से वह फेंका तो गई, लेकिन सिर में गंभीर चोट आई और वह जख्मी होने के बाद कोमा में चली गई. मढौरा थाना पुलिस ने उसे अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे बेहतर चिकित्सा के लिए सदर अस्पताल रेफर किया गया.

सदर अस्पताल में उसका इलाज शुरू किया गया. करीब 40 घंटे तक बेहोश रहने के बाद आज अल सुबह उसकी मौत हो गई. जिसके बाद पुलिस ने कागजी कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम करवाया और पहचान नहीं होने के कारण अब शव को 72 घंटे तक के लिए पोस्टमार्टम कक्ष में सुरक्षित रखा. वहीं शाम होते-होते परिजनों की नाराजगी थोड़ी कम हुई तो वे लोग शव लेने अस्पताल पहुंचे, जहां उनके चेहरे पर नाराजगी दिखी.

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