शिया समुदाय के लोगों ने काला पट्टी लगाकर की नमाज अदा ; नहीं मनाई ईद

शिया समुदाय के लोगों ने काला पट्टी लगाकर की नमाज अदा ; नहीं मनाई ईद

 

 

CHHAPRA DESK –   अली हुसैनी खामनेई के निधन पर शोकाकुल शिया समुदाय के लोगों ने आज ईद की नमाज तो अदा की, लेकिन काली पट्टी लगाकर. उन्होंने शोक भी व्यक्त किया लेकिन ईद नहीं मनायी. उक्त अवसर पर मौलाना ने बताया कि ईद का अर्थ अरबी में त्यौहार, उत्सव या खुशी कहलाता है. लेकिन, जब इन अवसर पर घर में किसी की मृत्यु हो जाती है तो खानदान वाले कोई पर्व एक वर्ष तक खुशी का नहीं मनाते. उसी तरह हमारे सबसे बड़े धर्म गुरु ईरान में जिनका नाम अयातुल्लाह अली खामनेई के निधन के बाद शिया समुदाय शोकाकुल है. शिया समुदाय के लोगों ने ईद के अवसर पर नमाज तो पढ़ी पर न नया कपड़ा पहना न सेवई खाई और न ही एक दूसरे को ईद के अवसर पर बधाई दी.

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शहर में सभी ईदग़ाहो में ईद उल फितर की नमाज अदा की गई. वहीं साहेबगंज जामा मस्जिद, ईद गाह, बड़ी मस्जिद एवं छोटी मस्जिद नई बाजार , ब्रह्मपुर ईद गाह में नमाज अदा की गई. ईद के दिन सुबह से मस्जिदों में नमाजियों का आना शुरू हो गया मस्जिदों से लेकर बाजारों में चहल पहल देखने को मिली. वही अयातुल्ला अली खामने शिर्फ ईरान के ही नहीं बल्कि पूरे मुस्लिम देश के रहबर और सबसे बड़े मुस्लिम धर्म गुरु थे जिनकी निर्मण हत्या इजरायल और अमेरिका जैसे टेरेरिस्ट नेतनयाहू और डोनाल्ड ने किया अली खामनई की शहादत पर इस बार पूरे देश में मुस्लिम समाज ने प्रोटेस्ट किया मुसलमानों ने कहा कि हम सभी पहले जिस तरह से खुश होकर ईद मनाते थे.

 

अब इस बार उस तरह नहीं मना रहे है. वहीं रोज जैसी जिंदगी ईद के दिन भी गुजारी. वही शहर में सारण एस एस पी और डी एम कंट्रोल रूम से सी सी कैमरा के द्वारा शहर की निगरानी में लगे थे. साथ ही प्रमुख ईदगाह पर पुलिस बल तैनात किया गया और मोटरसाइकिल द्वारा पुलिस शहर में ग़श्ती भी कर रही थी. जिससे शहर में हिंदू मुस्लिम की एकता भी देखने को मिली. उक्त अवसर पर समाजसेवी कविता सिंह, रफी इकबाल, दाऊद अली, सुधाकर स्वर्णकार, अभिजीत श्रीवास्तव के द्वारा भी कई जगह शरबत ,पानी,फल,और बच्चों के लिए बिस्किट, टॉफी की व्यवस्था भी लोगो ने की रखी थ.

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