
CHHAPRA DESK- सारण जिले में साइबर अपराध के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है. जिसमें एक बैंक खाते के जरिए देश के विभिन्न राज्यों में हुई साइबर ठगी की रकम के लेन-देन का मामला सामने आया है. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य सरगना फरार बताया जा रहा है. साइबर थाना छपरा की टीम को बिहार पुलिस मुख्यालय की साइबर इंटेलिजेंस शाखा से संदिग्ध बैंक खातों के सत्यापन का निर्देश मिला था. जांच के दौरान IDBI बैंक के एक चालू खाते में भारी संदिग्ध लेन-देन का मामला सामने आया. यह खाता सारण जिले के मशरक थाना क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति के नाम पर संचालित था.

जांच में पता चला कि इस खाते का उपयोग विभिन्न राज्यों कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात, हरियाणा, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश समेत कई जगहों पर दर्ज साइबर ठगी के मामलों में ठगी की राशि प्राप्त करने और ट्रांसफर करने के लिए किया गया है. संबंधित खाते में कुछ ही महीनों में लगभग 1.28 करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन हुआ, जिसे तुरंत निकासी के जरिए साफ कर दिया गया. पुलिस टीम ने छापेमारी कर खाताधारक को गिरफ्तार किया. पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह एक अन्य व्यक्ति के झांसे में आकर अपना बैंक खाता उपलब्ध कराया था.

आरोपी ने बताया कि उसे खाते के इस्तेमाल के बदले कमीशन दिया जाता था. जिसके बाद पुलिस ने दूसरे आरोपी के घर पर छापेमारी की, लेकिन वह मौके से फरार हो गया. तलाशी के दौरान वहां से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, एटीएम, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं. पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी मिलकर साइबर अपराध से अर्जित राशि को अपने खातों में मंगाकर उसे निकालने का काम करते थे. इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई जारी है. फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है.

पुलिस की अपील :
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी लालच में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम या सिम कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग के लिए न दें, अन्यथा वे भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं.

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