
CHHAPRA DESK – सारण जिले में साइबर ठगी का एक नया और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां साड़ी पैकिंग का काम दिलाने के नाम पर ठगों ने ग्रामीण महिलाओं को अपने जाल में फंसा लिया. लालच देकर इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक खाते खुलवाए गए और बाद में उन्हीं खातों का दुरुपयोग कर अवैध लेन-देन किया गया, जिसके चलते सभी खाते फ्रीज कर दिए गए हैं. जानकारी के अनुसार, मांझी थाना क्षेत्र के बरहिया मुबारकपुर गांव की एक 25 वर्षीय महिला को वर्ष 2024 में एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर खुद को दिल्ली स्थित साड़ी कंपनी का प्रतिनिधि बताया. उसने महिलाओं को घर बैठे पैकिंग का काम देने का झांसा दिया और इसके लिए इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक में खाता खोलने की शर्त रखी. साथ ही, 10 लोगों का समूह बनाने पर गिफ्ट देने का भी लालच दिया गया. आरोपी की बातों में आकर महिला ने अपने गांव और आसपास की अन्य महिलाओं को जोड़कर एक समूह बना लिया.

सभी ने इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक खाते खुलवाए और अपनी बैंक डिटेल्स उक्त व्यक्ति को भेज दीं. इसके बाद आरोपी ने खातों को अपने मोबाइल नंबर से लिंक कर लिया और कुछ दिनों तक संपर्क में रहने के बाद अचानक गायब हो गया.
जब महिलाओं ने अपने इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक खातों से पैसे निकालने की कोशिश की, तो बैंक ने बताया कि सभी खाते NCRP (नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल) पर शिकायत के कारण फ्रीज कर दिए गए हैं. जांच में आशंका जताई जा रही है कि ठग ने इन खातों का इस्तेमाल अवैध लेन-देन और साइबर अपराध में किया. घटना के बाद पीड़ित महिलाएं मानसिक तनाव में हैं और उन्होंने सारण साइबर थाना में लिखित शिकायत देकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

सतर्कता जरूरी:
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि घर बैठे काम और आसान कमाई के झांसे में आकर व्यक्तिगत बैंक जानकारी साझा करना कितना खतरनाक हो सकता है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल या ऑफर पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करें.

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