CHHAPRA DESK – सारण जिले में स्वास्थ्य विभाग ने आशा कार्यकर्ताओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है. ऐसा, आशा कार्यकर्ताओं के अवैध नर्सिंग होम के द्वारा प्रायोजित टूर एंड ट्रेवल में शामिल होना और उसका फोटो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने पर किया गया है. बता दें कि इस वायरल फोटो वीडियो के आधार पर करीब 51 आशा कार्यकर्ताओं को स्वास्थ्य विभाग के द्वारा नोटिस भेजा गया है. जिसमें उनसे स्पष्टीकरण की मांग भी की गई है कि सरकारी कार्य को छोड़ उनके द्वारा अवैध नर्सिंग होम द्वारा प्रायोजित टूर एंड ट्रेवल में कैसे हिस्सा लिया गया. आरोप है कि आशा कार्यकर्ताओं के द्वारा प्रसव पीड़िताओं को सरकारी अस्पताल के बजाय अवैध नर्सिंग होम में पहुंचा जा रहा है. उसके एवज में उन्हें मोटी रकम के साथ टूर एंड ट्रेवल का पैकेज भी मिल रहा है.

इस मामले में रिविलगंज, जलालपुर एवं नगरा स्वास्थ्य केंद्रों द्वारा जारी पत्रों में कई आशा कार्यकर्ताओं पर अवैध निजी नर्सिंग होम से सांठगांठ के गंभीर आरोप लगाए गए हैं. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, आरोप है कि संबंधित आशा कार्यकर्ता सरकारी योजनाओं को नजरअंदाज कर मरीजों को निजी नर्सिंग होम में भेजती हैं. इसके एवज में उन्हें आर्थिक लाभ, उपहार एवं अन्य सुविधाएं प्राप्त होती हैं. विभाग ने इसे सरकारी कार्यप्रणाली के विपरीत और नियमों का उल्लंघन बताया है. रिविलगंज स्वास्थ्य केंद्र द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि पिछले कई महीनों से स्वास्थ्य कार्यक्रमों में अपेक्षित प्रगति नहीं हो रही है, जिससे उच्च अधिकारियों द्वारा लगातार आपत्ति जताई जा रही है.

वहीं जलालपुर और नगरा स्वास्थ्य केंद्रों ने भी अलग-अलग सूचियां जारी कर संबंधित आशा कार्यकर्ताओं से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है. जारी नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया, तो संबंधित आशा कार्यकर्ताओं को सेवा से हटाने (चयनमुक्त करने) की कार्रवाई की जाएगी तथा मामले की सूचना वरीय पदाधिकारियों को भेजी जाएगी. इस कार्रवाई से जिले के स्वास्थ्य महकमे में हलचल तेज हो गई है. बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ताओं के नाम सामने आने से मामला गंभीर हो गया है. यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न खड़ा करेगा.
![]()

