
PATNA DESK – बिहार के बगहा से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग के जरिए साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है. बगहा पुलिस और पटना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में आठ शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है. जबकि एक आरोपी अभी भी फरार है. पुलिस ने आरोपियों के पास से भारी मात्रा में एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं. वहीं शातिरों में कई राज्यों के युवक शामिल हैं. जबकि इसमें थाईलैंड कनेक्शन का भी खुलासा हुआ है.

ऑनलाइन गेमिंग के जरिए ठगी की प्लानिंग
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को ठगने की प्लानिंग करते थे. जिसमें उन्हें कम समय में अधिक पैसा कमाने का लालच देते थे. इसके बाद वे लोगों से निवेश करवाकर उन्हें ठगी का शिकार बनाते थे. गिरोह डिजिटल पेमेंट, फर्जी बैंक खातों और क्रिप्टो करेंसी के जरिए पैसे ट्रांसफर करता था, जिससे ठगी का पैसा ट्रैक करना मुश्किल हो जाता था. पुलिस के अनुसार यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और करोड़ों रुपये की ठगी कर चुका है. तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर बगहा और पटना पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन चलाया. सबसे पहले सेमरा थाना क्षेत्र से सोनू केसरी को हिरासत में लिया गया. पूछताछ के बाद पटना में छापेमारी कर गिरोह के मास्टरमाइंड आदित्य कुमार समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. इस कार्रवाई में साइबर डीएसपी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई थी.

थाईलैंड से डिपोर्ट कर गिरफ्तारी
पुलिस ने गिरोह के मुख्य सरगना आदित्य कुमार समेत कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों में पश्चिम चंपारण, बांका, पटना और उत्तराखंड के आरोपी शामिल हैं. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि एक आरोपी हरीश सिंह को थाईलैंड से डिपोर्ट कर गिरफ्तार किया गया है, जिससे इस गिरोह के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन का भी संकेत मिलता है.*साइबर ठगी के गिरफ्तार आरोपी* सोनू केसरी (पश्चिमी चम्पारण), आदित्य कुमार (पश्चिमी चम्पारण), अरुण यादव उर्फ सौरभ यादव (पश्चिमी चंपारण), विकास कुमार यादव (पश्चिमी चंपारण), पंकज कुमार (बांका), दिलीप कुमार (बांका), शिवनंदन कुमार (बांका) और हरीश सिंह (बागेश्वर उत्तराखंड) पुलिस ने आरोपियों के पास से 45 एटीएम कार्ड, 21 स्मार्टफोन, 28 सिम कार्ड, 18 पासबुक, 10 पैन कार्ड, 7 आधार कार्ड, 2 लैपटॉप और कई पासपोर्ट बरामद किए हैं.

पुलिस के अनुसार क्रिप्टो करेंसी के जरिए भी ठगी की जा रही थी. वहीं एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है. बगहा एसपी रामानंद कुमार कौशल ने बताया कि यह अंतरराज्यीय साइबर गिरोह बेरोजगार युवाओं को ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर फंसाता था. गिरोह डिजिटल प्लेटफॉर्म और क्रिप्टो करेंसी का इस्तेमाल कर ठगी करता था. पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है.

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