
CHHAPRA DESK – छपरा जंक्शन पर ग्वालियर से बरौनी जा रही ग्वालियर-बरौनी डाउन एक्सप्रेस के जनरल कोच से एक यात्री का शव आरपीएफ और जीआरपी की टीम ने बरामद किया है. मृतक की पहचान वैशाली जिले के 45 वर्षीय जयराम के रूप में हुई. प्राप्त जानकारी के अनुसार जयराम ग्वालियर से हाजीपुर जाने के लिए ट्रेन में सवार हुआ था. बताया जाता है कि वह जनरल कोच की ऊपरी बर्थ पर सोया हुआ था. रात भर यात्रियों को किसी तरह की आशंका नहीं हुई. सुबह जब ट्रेन सिवान जंक्शन पहुंची, तब कुछ यात्रियों को संदेह हुआ और उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी.

हालांकि तब तक ट्रेन सिवान से खुल चुकी थी.इसके बाद छपरा जंक्शन पर आरपीएफ व जीआरपी की संयुक्त कार्रवाई में शव को ट्रेन से उतारा गया. तलाशी के दौरान उसके पास से आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और ग्वालियर के एक अस्पताल का इलाज संबंधी पर्चा बरामद हुआ, जिससे उसकी पहचान संभव हो सकी.पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है और परिजनों से संपर्क करने की प्रक्रिया जारी है. मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पायेगा.

प्लेटफार्म संख्या तीन पर पहुंचने में लगे तीस मिनट, एक घंटे खड़ी रही ट्रेन
जंक्शन पर ग्वालियर-बरौनी एक्सप्रेस के पहुंचने के बाद जीआरपी को 30 मिनट से ज्यादा का समय लग गया. तो वही उक्त ट्रेन को एक घंटे तक रोक रखा गया. जिससे की यात्रियों को काफ़ी परेशानी का सामना करना पड़ा. वही सुबह ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर लगते ही ऑपरेटिंग विभाग के कर्मी अरविंद कुमार ने जीआरपी को आवश्यक कार्रवाई (मेमो) के लिए कई बार फोन किया, लेकिन जीआरपी को प्लेटफॉर्म तक पहुंचने में करीब 30 मिनट का समय लग गया.
हालांकि आरपीएफ के जवान सूचना के तुरंत बाद ही संबंधित कोच तक पहुंचकर अपनी कार्रवाई शुरू कर दी, लेकिन नियमों के तहत जीआरपी की उपस्थिति के बिना आगे की कार्रवाई संभव नहीं हो सकी. इस तरह की लापरवाही न केवल यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है.

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