
CHHAPRA DESK – सारण जिला अंतर्गत परसा-सीतलपुर पथ पर स्वर्ण व्यवसायी से हुई सनसनीखेज लूटकांड का दरियापुर पुलिस ने उद्भेदन कर दिया है. अपराधियों ने “बिहार सरकार” लिखी इनोवा गाड़ी का इस्तेमाल कर खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर वारदात को अंजाम दिया था. इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लूट में प्रयुक्त इनोवा वाहन के साथ दो अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है. विदित हो कि बीते शुक्रवार की रात करीब दस बजे दरियापुर बाजार से आगे अपराधियों ने स्वर्ण व्यवसायियों की गाड़ी को रोक लिया था. जिसके बाद खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए व्यवसायी और उसके साथ मौजूद लोगों को अपने कब्जे में लेकर करीब दो घंटे तक इधर-उधर घुमाते रहे.

बाद में गौरा थाना क्षेत्र के जवानियां स्थित एक ईंट भट्ठे के समीप व्यवसायियों से लूटपाट कर उसकी गाड़ी की चाबी लेकर फरार हो गए थे. इस मामले में पीड़ित मढ़ौरा निवासी विकास कुमार ने गौरा पुलिस को दिए फर्द बयान में बताया था कि वह अपने दो मित्र और चालक के साथ निजी वाहन से पटना के बाकरगंज से लौट रहे थे, तभी अपराधियों ने घटना को अंजाम दिया. मामले के सामने आने के बाद दरियापुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस जांच में जुट गई थी. थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल लोकेशन और अन्य सूचनाओं के आधार पर जांच आगे बढ़ाई. इसी क्रम में पटना जिले के पीरबहोर थाना क्षेत्र अंतर्गत अशोक राजपथ से लूट में इस्तेमाल की गई इनोवा गाड़ी के साथ दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया.

गिरफ्तार अपराधियों की पहचान मो फिरोज और इनायत अली के रूप में हुई है. थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि “पुलिस हर बिंदु पर गंभीरता से जांच कर रही है. गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ में कई अहम सुराग मिले हैं. इस कांड में शामिल अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है. किसी भी सूरत में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. पुलिस की इस कार्रवाई के बाद इलाके में चर्चा का माहौल बना हुआ है. वैसे इस मामले में भी कहीं खुलती होने बाकी है कि आखिर बिहार सरकार लिखी इनोवा गाड़ी किसकी है और अपराधी उसे कैसे प्रयोग कर रहे थे. हालांकि अभी तक लूट का सामान व अन्य सामान बरामद नहीं हो सका है.

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