आधा दर्जन औलाद के बाद छोटे लोन को चुका पाने में असमर्थ माता-पिता ने भाग कर ली रेलवे स्टेशन पर शरण पर अंततः करनी पड़ी खुदकुशी

आधा दर्जन औलाद के बाद छोटे लोन को चुका पाने में असमर्थ माता-पिता ने भाग कर ली रेलवे स्टेशन पर शरण पर अंततः करनी पड़ी खुदकुशी

CHHAPRA DESK –  मां-बाप आधा दर्जन औलादों को पाल पोषकर काबिल बना देता है लेकिन आधा दर्जन बच्चे जब उस मां-बाप की देखभाल नहीं कर पाते हैं तो इससे बड़ी विडंबना आज के युग में कुछ भी नहीं है. जिससे आहत होकर बुढ़ापे में माता-पिता घर-बार छोड़ कर निकल जाते हैं और यह कदम उनके लिए काफी कष्टकर साबित होता है. ऐसा ही एक मामला सारण जिले के रिविलगंज से सामने आया है, जहां रिविलगंज रेलवे स्टेशन पर एक दंपति ने विषपान कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर दी है.

सूचना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों शवों को कब्जे में लेकर पहचान के लिए प्रयास किया तो दंपति की पहचान सारण जिले के जलालपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत गम्हरिया कला गांव निवासी 55 वर्षीय रामेश्वर साह उर्फ मकई साह और उनकी 50 वर्षीय पत्नी लाल मुनी देवी के रूप में की गई. सूचना के बाद उनका एक पुत्र मौके पर पहुंचा और पुलिस ने पंचनामा के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए छपरा सदर अस्पताल भेजा, जहां शव का पोस्टमार्टम कराए जाने की प्रक्रिया की जा रही है.

मजदूरी करने वाला दंपति रेलवे स्टेशन पर ले रखा था शरण

बताते चलें कि रामेश्वर साह को चार पुत्र और दो पुत्री है जिनमें सभी की शादी हो चुकी है. बड़े बेटे की मौत हो चुकी है, जबकि दूसरे नंबर के पुत्र शिव कुमार को छोड़कर सभी बाहर रहते हैं. रामेश्वर मजदूरी कर अपना जीवन यापन कर रहा था. उसके बड़े पुत्र की की मृत्यु के बाद उसकी पुत्री की शादी की जिम्मेदारी उसके कंधों पर आ गई और वही उनकी मौत का कारण बन गया.

पोती की शादी के लिए लिया था बंधन बैंक से करीब एक लाख कर्ज

स्थानीय लोगों की माने तो रामेश्वर से अपनी पोती की शादी के लिए बंधन बैंक से लगभग ₹1 लाख का कर्ज लिया था लेकिन भीषण गर्मी के कारण वह दिहाड़ी नहीं कर पाया. जिसके कारण लोन की रकम का ब्याज भी नहीं चुका पा रहा था. वहीं बंधन बैंक के कर्मचारी लगातार उसपर दबाव डाल रहे थे. इसी बीच उसका पुत्र शिवकुमार परिवार सहित शादी में चला गया. जिसके बाद पति-पत्नी दोनों ने घर बार छोड़ दिये और रिविलगंज रेलवे स्टेशन पर जाकर अपना जीवन यापन करने लगे.

लेकिन, लोन नहीं चुका पाना और लोक-लाज के डर से दोनों अंदर ही अंदर घुट रहे थे. जबकि किसी पुत्र ने उनकी सुधि नहीं ली और यही कारण रहा कि दोनों ने अंतत विषपान कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर दी. वही दोनों शवों का पोस्टमार्टम छपरा सदर अस्पताल में कराये जाने के बाद उसे परिवार वालों को सौंप दिया गया है.

Loading

56
Crime E-paper ब्रेकिंग न्यूज़