अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अत्याचार अधिनियम के तहत दर्ज 2618 कांडों में से 2232 मामलों में पीड़ित/आश्रित को प्रथम क़िस्त की राशि का हुआ भुगतान ; डीएम ने की जिला स्तरीय सतर्कता व निगरानी समिति की बैठक

CHHAPRA DESK –  सारण जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आज अनुसूचित जाति/ जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत जिला सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक आहुत की गई. जिला कल्याण पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि वर्ष 2018 से 2025 तक इस अधिनियम के तहत दर्ज कुल 2618 कांडों में से 2232 मामलों में पीड़ित/आश्रित को देय मुआवजे के प्रथम क़िस्त की राशि का भुगतान किया गया है. 345 मामलों में संधि/सुलह की गई है. सिर्फ वर्ष 2025 के 41 मामलों में प्रथम क़िस्त के मुआवजे का भुगतान लंबित है. जिलाधिकारी ने इन मामलों में त्वरित भुगतान की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। वर्ष 2025-26 में कुल 533 मामलों में अभी तक 3.69 करोड़ रुपये मुआवजे का भुगतान किया गया है.

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इस अधिनियम के तहत दर्ज मृत्यु के मामलों में 57 निकटम आश्रितों को नियमानुसार पेंशन का भुगतान किया जा रहा है.सभी का माह अक्टूबर 2025 तक के पेंशन का भुगतान किया जा चुका है. चार आश्रितों को सरकारी नौकरी दी गई है. एक अन्य मामले में आश्रित को नौकरी देने हेतु कार्रवाई प्रक्रियाधीन है, जिसे अविलंब पूरा करने का निदेश दिया गया.
बैठक में सिविल सर्जन, पुलिस उपाधीक्षक साइबर अपराध, जिला कल्याण पदाधिकारी, समिति के अन्य सदस्यगण तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न थाना प्रभारी जुड़े थे.

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