
CHHAPRA DESK – बीते शुक्रवार को बेंगलुरु में हुए गैस रिसाव हादसे में असमय काल का ग्रास बने दोनो युवकों का शव आज गुर्दाहां खुर्द गांव पहुंचा तो गांव में कोहराम मच गया. शव वाहन के गांव में प्रवेश करते ही चीख-पुकार और रुदन क्रंदन से पूरा माहौल गमगीन हो उठा. यह घटना बीते 9 जनवरी को बेंगलुरु में हुई थी. सुबह चाय बनाने के दौरान आग लग गई थी, जिसमें पांच युवक गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे. इनमें से दो युवकों की मौत शाम और देर रात को हो गई. मृतक गुर्दाहां खुर्द गांव निवासी मोगल मियां के पुत्र मुजफ्फर अली और मो खलील के पुत्र अरबाज आलम बताए जाते है. भाइयों, बहनों और रिश्तेदारों का भी रो-रोकर बुरा हाल था. जिस घर में कभी हंसी-खुशी गूंजती थी, वहां अब मातम पसरा हुआ है. मालूम हो कि एक जनवरी को थाना क्षेत्र के गुर्दाहां खुर्द गांव से पांच युवक बेंगलुरु गए थे.

वे मेहनत-मजदूरी करके अपने परिवार के भविष्य को संवारने का सपना देख रहे थे, लेकिन एक गैस हादसे ने सब कुछ उजाड़ दिया. सूचना मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. गुरुवार को बेंगलुरु में दोनों का पोस्टमार्टम कराया गया. पोस्टमार्टम के बाद जब शव गांव लाए गए तो अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी. हर कोई इस असमय मौत से स्तब्ध था. अपनों को कंधा देते समय युवकों के दोस्तों की आंखें भी छलक उठीं. हर कोई यही कहता नजर आया कि दोनों युवक बेहद मिलनसार और मेहनती थे. ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता, सरकारी नौकरी की मांग की है. इस दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है, जिसकी टीस शायद लंबे समय तक बनी रहेगी. अभी भी तीन अन्य मजदूर जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं, जिनकी हालत गंभीर बनी हुई है.

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