बिहार के DGP ने सारण SP, अनुसंधान टीम, अभियोजन टीम व फॉरेंसिक टीम को किया सम्मानित ; नए कानून के तहत देश में पहली सजा पर मिला सम्मान

बिहार के DGP ने सारण SP, अनुसंधान टीम, अभियोजन टीम व फॉरेंसिक टीम को किया सम्मानित ; नए कानून के तहत देश में पहली सजा पर मिला सम्मान

CHHAPRA DESK – देश में BNS कानून के तहत पहली सजा दिलाने में त्वरित कार्रवाई में अहम भूमिका निभाने के मामले में सारण एसपी डॉक्टर कुमार आशीष को बिहार के डीजीपी आलोक राज के द्वारा पुलिस मुख्यालय में सम्मानित किया गया है. इसके साथ ही रसूलपुर थान्तार्गत तिहरे हत्याकांड के आरोपी को त्वरित सजा दिलवाने में सहयोगी सदस्यों को भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया. जिनमें अनुसंधान टीम, अभियोजन टीम व फॉरेंसिक टीम शामिल है. बता दें कि सारण जिले के रसुलपुर थानान्तर्गत धानाडीह गांव में धारदार हथियार से तीन व्यक्तियों की हुई हत्या के सम्बन्ध में दर्ज रसुलपुर थाना कांड सं0-133/24 दिनांक-17.07.24 धारा-

103(1)/109(1)/329(4)/3(5) बी०एन०एस० में ससमय गिरफ्तारी, अनुसंधान एवं न्यायालय में स्पीडी ट्रायल का संचालन कराकर घटना के 50वें दिन ही दोनो दोषी अभियुक्तों को सजा करवाई गई, जो लागू होने के बाद गंभीर शीर्ष में बी०एन०एस० एक्ट के तहत राज्य में प्रथम गंभीर सजा है. पुलिस महानिदेशक आलोक राज के द्वारा सारण एसपी को यह सम्मान दिए जाने के बाद एसपी को अनेक बुद्धिजीवी एवं समाज सेवियों के द्वारा बधाई दी गई है. वही उनकी कार्यशैली जिले में चर्चा का विषय भी बना हुआ है. उनके नेतृत्व में जहां क्राइम कंट्रोल को लेकर लगातार नए-नए अभियान चलाए जा रहे हैं,

वही आर्केस्ट्रा की आड़ में चलाए जा रहे देह व्यापार के धंधे में लिप्त लड़कियों को मुक्त भी कराया जा रहा है. उनके द्वारा अब तक एक पखवाड़े में करीब दो दर्जन नाबालिग नर्तकियों को आर्केस्ट्रा संचालकों के चंगुल से मुक्त कराया गया है. वही बालू के अवैध ढुलाई पर प्रतिबंध को लेकर उनके द्वारा शहर के मुख्य चौक मुफस्सिल थाना क्षेत्र, डोरीगंज एवं अवतार नगर थाना क्षेत्र चौक पर पर तैनात पुलिस कर्मियों को हटाकर बीएमपी के जवानों को लगाया गया है. जिससे निश्चित तौर पर बालू के अवैध ढुलाई में विराम लगा है.

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