BPSC परीक्षा दोबारा कराने के राज्यव्यापी आह्वान पर AISA, RYA व SFI ने शहर में किया प्रदर्शन

BPSC परीक्षा दोबारा कराने के राज्यव्यापी आह्वान पर AISA, RYA व SFI ने शहर में किया प्रदर्शन

 

CHHAPRA DESK –  भाकपा माले के छात्र युवा संगठन AISA और RYA के द्वारा बिहार राज्य व्यापी आह्वान के तहत छपरा में थाना चौक और दारोगा चौक पर प्रदर्शन कर सड़क जाम किया गया, जिसका समर्थन SFI ने भी किया. हालांकि कुछ पल में ही जाम हटा दिया गया. प्रदर्शन मार्च छपरा के म्युनिसिपल चौक से निकालकर थाना चौक, दरोगा राय चौक होते हुए पुनः म्युनिसिपल चौक पहुंचकर सभा में तब्दील हो गया. सभा को आइसा जिला सचिव दीपांकर, आइसा जिला अध्यक्ष कुणाल, rya जिला संयोजक अनुज दास, SFI जिला सचिव देवेंद्र कुमार, SFI राज्य उपाध्यक्ष रूपेश कुमार ने संबोधित किया.

उन्होंने कहा कि BPSC की 70वीं पीटी परीक्षा पटना समेत बिहार के अनेक केंद्रों पर पेपर लीक व घोर आपत्तिजनक अनियमितताओं के साथ सम्पन्न हुई. परीक्षा रद्द करने की लोकप्रिय मांग उठी. अभ्यर्थी ठंड में धरने पर बैठे, पर नीतीश–भाजपा सरकार न सिर्फ जिद में बहरी बनी रही बल्कि उल्टे न्याय की मांग कर रहे नौजवानों पर अंग्रेजी शासन की याद दिलाने वाला बर्बर लाठीचार्ज किया. बिहार इस वक्त शिक्षा और परीक्षा माफियाओं के गिरफ़्त में है. समय पर डिग्री न मिलना, कॉलेज में शिक्षक न होना, परीक्षा में धांधली, पैसे पर बिकती नौकरी और डिग्री बिहार में आम चलन बनता जा रहा है. पर सरकार इन माफियाओं पर लगाम लगाने की बजाय युवाओं पर लाठियां चला रही है.

कल रात भी अभ्यर्थियों पर बर्बर तरीके से कराके की ठंड में वाटर कैनन का इस्तेमाल हुआ. विदित हो कि मुजफ्फरपुर केंद्र पर BPSC–PT परीक्षा देने वाले पटना जिले के पालीगंज के सोनू कुमार नाम के छात्र ने इस तनाव में अपनी जान दे दी. यह आत्महत्या नहीं सांस्थानिक हत्या है जिसका जवाब मोदी–नीतीश की जोड़ी को देना होगा. आइसा–आरवाइए की राज्य इकाइयों ने सभी विपक्षी राजनीतिक दलों और छात्र–युवा संगठनों से अपील पर बिहार के भविष्य के लिए लड़ रहे नौजवानों के पक्ष में एकजुट आंदोलन में छपरा में SFI सक्रिय भागीदारी में रहा.

प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में BPSC की 70वीं PT रद्द कर परीक्षा की नई तारीखों की घोषणा जल्द करने, पेपर लीक–परीक्षा माफिया तंत्र खत्म करने, पुलिस लाठीचार्ज के दोषियों को दंडित करने, आंदोलनकारी छात्रों को जेल से रिहा कर फर्जी मुकदमे वापस लेने, सोनू कुमार के परिजनों को 5 करोड़ का मुआवजा देने आदि शामिल है. चक्का जाम कर प्रदर्शन में SFI से विनय कुमार, आइसा नेता नीरज कुमार, हिमांशु कुमार, अंशु पासवान, अंशु कुमार, प्रिंस कुमार, बिट्टू कुमार, महावीर कुमार व अन्य मौजूद थे.

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