सारण के सुरुचि व अमित ने पहले ही प्रयास में नेट परीक्षा में मारी बाजी ; प्रोफेसर बनने की राह हुई आसान

सारण के सुरुचि व अमित ने पहले ही प्रयास में नेट परीक्षा में मारी बाजी ; प्रोफेसर बनने की राह हुई आसान

CHHAPRA DESK –   कहा गया है अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मार्गदर्शन सशक्त हो, तो सफलता देर- सबेर कदम चूम ही लेती है. इस कथन को सच कर दिखाया है छपरा के बेटा अमित कुमार यादव एवं बेटी सुरुची कुमारी ने. इन दोनों ने अपने पहले ही प्रयास में यूजीसी नेट परीक्षा उत्तीर्ण कर असिस्टेंट प्रोफेसर बनने की योग्यता एवं पीएचडी में प्रवेश का अधिकार प्राप्त कर लिए हैं. मालूम हो कि ये दोनों छपरा शहर स्थित राजेंद्र कॉलेज में हिन्दी विभाग के स्नातकोत्तर ( हिन्दी ) अंतिम सेमेस्टर के विद्यार्थी है. ये दोनों एमए ( हिंदी ) अंतिम सेमेस्टर के अपियरिंग कैंडिडेट के रूप में यूजीसी नेट परीक्षा उतीर्ण किए है.

अपीयरिंग कैंडिडेट के रूप में यूजीसी नेट परीक्षा का परिणाम देश के बड़े विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों का आता है. ग्रामीण क्षेत्र के जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा के अंतर्गत राजेंद्र कॉलेज, छपरा के विद्यार्थियों का अपियरिंग कैंडिडेट रूप में उपर्युक्त कठिन परीक्षा का परिणाम बहुत कुछ संदेश देने का कार्य कर रहा है. इन दोनों ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों की सफलता यह साबित कर रहा है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो, शिक्षकों का मार्गदर्शन सशक्त हो तो सफलता ग्रामीण क्षेत्रों में भी रह कर हासिल की जा सकती है.

जानकारी हो कि दाउदपुर थाना क्षेत्र के बरेजा ग्राम निवासी मुंशी यादव एवं सीता देवी के पुत्र अमित कुमार यादव किसान परिवार से आते है तथा सुरुची कुमारी सहजितपुर थाना क्षेत्र के कट्सा ग्राम निवासी शम्भू कुमार त्रिपाठी एवं कुशुमावती देवी की पुत्री है, जिसके पिता एक शिक्षक है. उनकी इस सफलता पर राजेंद्र कॉलेज के प्राचार्य प्रो (डॉ) उदय शंकर पांडेय, हिन्दी विभाग के प्राध्यापकगण प्रो (डॉ) अशोक कुमार सिन्हा, डॉ श्याम शरण, डॉ रीचा मिश्रा, डॉ बेतियार सिंह साहू, डॉ सुनील कुमार पांडेय, डॉ रजनीश कुमार यादव, डॉ विशाल सिंह, डॉ रविकांत सिंह आदि ने खुशी व्यक्त की है.

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