CHHAPRA DESK – सारण के धरतीपुत्र और ऑक्सीजन मैन के रूप में विख्यात दशरथ राय ने आज लंबी बीमारी के बाद अपने आवास पर अंतिम सांस ली. वह लगभग 60 वर्ष के थे. परिजनों ने बताया कि उनकों अवस्थमा की बीमारी थी, जिससे सांस लेने मे काफ़ी परेशानी हो रही थी. तबीयत बिगड़ने पर उन्हें उपचार हेतु सरकारी अस्पताल रे जाया गया था. उनकी परिवारिक स्थिति काफ़ी दयनीय है. वह अपने पीछे दो लड़का व पत्नी छोड़ गये हैं. उनके निधन से समाज में अपूरणीय क्षति हुई है. उनके असामायिक निधन पर जिलेभर के सामाजिक कार्यकर्ता, सभी संगठनों व क्षेत्रीय नेतागण में शोक की लहर है.
दशरथ राय ने अपने जीवन का एक बड़ा हिस्सा समाज को शुद्ध हवा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पित कर दिया. उन्होंने अपने मेहनत से अब तक 35000 हजार से अधिक पीपल, बड़गद, पाकड़, नीम और आम का पेड़ लगाये है. दशरथ राय ने जीवनभर पेड़ लगाने में बिताया, ताकि लोगों को शुद्ध ऑक्सीजन मिलें. उनके इस अद्वितीय योगदान के लिए उन्हें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, पटना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, जिला समाहर्ता और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा सम्मानित किया जा चुका है. उनकी मेहनत और समर्पण के कारण हजारों पेड़ आज शुद्ध हवा प्रदान कर रहे है.