फाइलेरिया रोधी दवा खाने से एक दर्जन से अधिक छात्र-छात्राएं बीमार ; सदर अस्पताल में चल रहा उपचार

फाइलेरिया रोधी दवा खाने से एक दर्जन से अधिक छात्र-छात्राएं बीमार ; सदर अस्पताल में चल रहा उपचार

CHHAPRA DESK –  सारण जिले में चलाए जा रहे हैं फाइलेरिया आंदोलन अभियान के तहत दवा खाने से एक दर्जन से अधिक छात्र-छात्राएं बीमार हो गए जिन्हें आनन-फानन में छपरा सदर अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है. बता दें कि सारण में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान 10 फरवरी से 27 फरवरी तक चलाया जा रहा है. यह दवा सभी अस्पतालों, स्वास्थ्य केदो एवं आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी उपलब्ध कराया गया है. इसके तहत आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर फाइलेरिया से बचाव की दवा खिला रही हैं. वही इस अभियान में सभी स्कूलों को भी कवर किया जाना है.

जिसके तहत स्कूली छात्र-छात्राओं को भी फाइलेरिया रोधी दवा खिलाई गई है और दवा खाने के बाद अनेक की स्थिति खराब हुई है. छपरा सदर अस्पताल स्थित एएनएम स्कूल से भी करीब एक दर्जन छात्राएं सदर अस्पताल में इलाजरत हैं. जिनमें गुड्डन कुमारी, गुनगुन कुमारी, शिखा कुमारी, संध्या कुमारी, प्रिया कुमारी, स्नेहा शर्मा, मुस्कान भारती, मनीषा कुमारी, अनिशा कुमारी, सानिया कुमारी, सीबा कुमारी आदि शामिल हैं. वहीं जिले के कृष्णा चौक सहित अन्य क्षेत्रों में भी फाइलेरिया रोधी दवा खाने के बाद कुछ बच्चे बीमार हुए हैं.

क्या कहते हैं सिविल सर्जन

इस मामले में पूछे जाने पर सिविल सर्जन डॉक्टर राजकुमार चौधरी ने बताया कि फाइलेरिया की दवा पूरी तरह सुरक्षित है. इस दवा को खाने से उनको ही थोड़ी बहुत तकलीफ होती है जिनके शरीर में फाइलेरिया के कीटाणु मौजूद होते हैं. यह दवा उनके शरीर में जाकर फाइलेरिया के कीटाणु को मारती है तो वैसे लोगों को उल्टी और बुखार की समस्या आती है. जिसको लेकर सभी स्वास्थ्य केंद्र एवं अस्पतालों में उनके उपचार के लिए विशेष हिदायत दी गई है.

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