
CHHAPRA / HAJIPUR DESK –बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत पटना निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने आज हाजीपुर में बड़ी कार्रवाई की है. निगरानी की टीम ने हाजीपुर खनन विभाग के कार्यालय में छापेमारी कर एक डाटा एंट्री ऑपरेटर और एक चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी (परिचारी) को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिदुपुर प्रखंड के माइल गांव स्थित ‘मीनाक्षी एंटरप्राइजेज’ के प्रोपराइटर राजीव कुमार ने गिट्टी भंडारण के लाइसेंस के लिए आवेदन दिया था. इस कार्य की जिम्मेदारी उनके स्टाफ, दाउदनगर निवासी जिम्मेदार कुमार को सौंपी गई थी.

आरोप है कि लाइसेंस निर्गत करने के बदले कार्यालय के कर्मियों द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी. निगरानी विभाग में दर्ज शिकायत के अनुसार, 28 जनवरी को जब जिम्मेदार कुमार खनन कार्यालय पहुंचे, तो डाटा एंट्री ऑपरेटर राहुल कुमार रोशन ने काम के बदले तुरंत 10 हजार रुपये की मांग की. दबाव में आकर पीड़ित ने 5 हजार ऑनलाइन चालान और 5 हजार ‘फीस’ के नाम पर दे दिए. इसके बाद 30 जनवरी को ऑपरेटर ने स्पष्ट कहा कि लाइसेंस के लिए 50 हजार रुपये ‘ऑफिस फीस’ अलग से देनी होगी, जो ‘ऊपर तक’ जाती है.

जाल बिछाकर रंगे हाथ पकड़े गए कर्मी
पीड़ित द्वारा 6 फरवरी को निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराने के बाद टीम ने मामले का सत्यापन किया. आज योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की गई और जैसे ही केमिकल लगे नोट ऑपरेटर और परिचारी को दिए गए, निगरानी की टीम ने उन्हें दबोच लिया. गिरफ्तार कर्मियों की पहचान सारण जिला के टरवा मगरपाल गांव निवासी स्व राजेश्वर प्रसाद यादव के पुत्र प्रमोद कुमार (परिचारी) एवं मोतिहारी जिला के कालू पाकड़ निवासी रमन प्रसाद के पुत्र राहुल कुमार रोशन (डेटा एंट्री ऑपरेटर) के रूप में की गई है. इस संबंध में निगरानी टीम के डीएसपी सदानंद सिंह ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को हाजीपुर सर्किट हाउस ले जाया गया है, जहां उनसे गहन पूछताछ की जा रही है. इस कार्रवाई से खनन कार्यालय में हड़कंप मच गया है. पूछताछ पूरी होने के बाद दोनों को पटना स्थित निगरानी की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा.

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