मढ़ौरा की बंद चीनी मिल को चालू कराने को लेकर सहकारी समिति ने की बैठक

CHHAPRA DESK- मढ़ौरा स्थित बंद चीनी मिल को लेकर बीते कुछ दिनों से सरकार की बढ़ी सरगर्मी के बीच स्थानीय समिति भी तेजी से अपने कदम को बढ़ा रही है. किसान मजदूर सहकारी समिति के गठन के उपरांत एयर काॅमोडोर रणधीर प्रताप सिंह के नेतृत्व में बुधवार को बंद मिल को चालू कराने को लेकर एक बैठक हुई।‌ बैठक में वेटरंस फोरम के सचिव डॉ बीएनपी सिंह सहित निर्मित किसान मजदूर सहकारी समिति के सभी सदस्य शामिल हुए. मढ़ौरा के सारण जीएम बंगला में किसान, मजदूर, सामाजिक कार्यकर्ताओं की बैठक की अध्यक्षता एयर काॅमोडोर रणधीर प्रताप सिंह ने की। बैठक में चीनी मिल को पुनः चालू करने के संबंध में विभिन्न विधिमान्य पक्षों पर चर्चा के साथ उसे सामने रखा गया. बीते एक साल में समिति के द्वारा किए गए प्रयास और प्राप्त की गई जानकारियों को सामने रख रणनीति पर चर्चा की गई.


बंद मिल को चालू कराने की है संभावना

वेटरंस फोरम के सचिव डॉ बीएनपी सिंह ने बताया की पूर्व में यह मामला बीएफआईआर वाद संख्या 99/92 में आ चुका है. कहा कि मिल के फिर से चलने की दिशा में विभिन्न पक्षों और कागजातों का गहराई से अध्ययन किया गया है. यह बात सामने आई है कि बंद मिल को चालू कराने की संभावनाएं बनी हुई है. यह बंद चीनी मिल अपने अन्य सहयोगी इकाइयों के साथ पुनः स्थापित होगी. उन्होंने कहा कि वे बंद फैक्ट्री से जुड़ी अधिकारिक संस्थानों से मिली जानकारी के आधार पर संभावनाओं को तलाशा गया है और इसकी प्रबल उम्मीद बनी हुई कि इसे फिर से चालू किया जा सकता है.


विस्तृत प्रोजेक्ट है तैयार, उसी पर होगा काम

डॉ वीएनपी सिंह ने कहा कि मढ़ौरा चीनी मिल की स्थापना के लिए वे एक विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर चूके है. जिसमें 3500 टीसीडी / तीस टन गन्ना पेराई की क्षमता का मिल और 30 मेगावाट की बिजली के उत्पादन का प्रोजेक्ट टेक्सटाइल मंत्रालय और आईएफसीआई को भेजी जाएगी. इसमें पूंजी का जुगाड़, सहकारिता, न्यायिक पक्ष, किसान मजदूर का पक्ष सब शामिल होगा. चीनी मिल के पास परर्याप्त जमीन उपलब्ध है, इससे बहुत कम जमीन में आज के आधुनिक और शक्तिशाली संयंत्र लगाएं जा सकते हैं.

फैक्ट्री के लिए जमीन की उपलब्धता मजबूत पक्ष – आरपी सिंह

बैठक की अध्यक्षता कर रहे एयर काॅमोडोर रणधीर प्रताप सिंह ने कहा कि इस मिट्टी का कर्ज है जिसे कुछ अच्छे कार्य से चुकाना है. कहा कि नए उद्योगों के लिए जमीन की उपलब्धता एक बड़ा प्रश्न है. मढ़ौरा के कानपुर सुगर वर्क्स के पास पर्याप्त जमीन खतियान में दर्ज है. जमीन की उपलब्धता से कई निवेशक पूंजी लगाने के लिए मिल सकते है. कहा कि पूंजी कहां से आएगी और उसका नियोजन और वितरण किस प्रकार होगा इन तमाम पक्षों का गहराई से अध्ययन किया गया है. कहा कि अध्ययन और शोध के अनुसार जो संभावनाएं बनती हैं उसी को सभी के साथ मिलकर कार्य रूप देने का प्रयास करना है.


इनकी थी उपस्थिति

इस दौरान नागेन्द्र राय, अमन कुमार सिंह, नेमा सिंह, संजीव सिंह, ठाकुर अमर सिंह, शिवानुग्रह नारायण सिंह, शंकर भगवान ओझा, ललन जयसवान, रवि रंजन राय, बलराम तिवारी, अश्वनी प्रसाद यादव, विरेन्द्र गिरि सहित अन्य लोग उपस्थित थे.

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