CHHAPRA DESK – सारण जिले के सभी कीटनाशी विक्रेताओं को कीटनाशक के क्रय-विक्रय का व्यौरा रखना अनिवार्य है. प्रत्येक माह के अंत में किस-किस कीटनाशी रसायन की कितनी खरीद हुई और कितना विक्रय हुआ तथा कितना किटनाशक उनके पास शेष बचा है, इसका व्यौरा प्रति माह जिला कृषि विभाग को देना अनिवार्य है. इस बाबत सरकार भी सजग हो चुकी है और जिला कृषि पदाधिकारी ओम सहायक पौधा संरक्षण को विशेष हिदायत दी गई है कि वह जिले के सभी कीटनाशी विक्रेताओं की बैठक कर उनसे क्रय-विक्रय का व्यौरा जरूर लें.

जिसको लेकर कृषि विभाग के सहायक निदेशक राधेश्याम गुप्ता के द्वारा समय-समय पर कीटनाशी दुकानदारों की बैठक बुलाई जा रही है और उन्हें मार्गदर्शन दिया जा रहा है. इस विषय पर उन्होंने बतलाया कि जिले में कुछ ऐसे भी कीटनाशक विक्रेता हैं. जिनका 1 फरवरी 2017 को या इससे पहले लाइसेंस एक्सपायर हो चुका है तथा नए कीटनाशी अधिक नियम लागू होने से वे लोग लाइसेंस नहीं बनवा पाए हैं. वैसे कीटनाशी विक्रेताओं को भी लाइसेंस दिया जाएगा. ऐसे कीटनाशी विक्रेता को प्रशिक्षित करते हुए उन्हें नया लाइसेंस उपलब्ध कराया जाएगा.

जिसको लेकर प्रशिक्षण के लिए सरकार द्वारा निर्धारित ₹7600 प्रति विक्रेता शुल्क उन्हें जमा कर प्रशिक्षण प्राप्त करना होगा. अगर इसके बावजूद भी वैसे कीटनाशी दुकानदार लाइसेंस नहीं बनवाते हैं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. गैर लाइसेंसी कीटनाशी दुकानदारों के खिलाफ छापेमारी को लेकर विभाग के द्वारा छापामारी दल का गठन किया गया है. जो कि अब छापेमारी करना प्रारंभ करेगा.

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